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एएमयू छात्रसंघ चुनाव : 151 नामांकन हुए दाखिल

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यूनियन हाल के पास हैंड बिल उड़ाते प्रत्याशी। - फोटो : Amar ujala
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) छात्रसंघ चुनाव 2026-27 में विभिन्न पदों के लिए कुल 151 नामांकन दाखिल किए गए। अध्यक्ष पद के लिए 11, उपाध्यक्ष पद के लिए सात और सचिव पद के लिए तीन प्रत्याशियों ने पर्चा भरा।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी के अनुसार सबसे अधिक 76 नामांकन एएमयू कोर्ट मेंबर पद के लिए प्राप्त हुए हैं, जबकि कैबिनेट सदस्य पद के लिए 54 प्रत्याशियों ने नामांकन किया है। कैबिनेट सदस्य और एएमयू कोर्ट मेंबर पदों को मिलाकर 130 नामांकन प्राप्त हुए हैं। नामांकन के दौरान छात्रों के दो गुटों में मारपीट हो गई, जिससे हंगामा खड़ा हो गया।


प्लेट पर चम्मच की थाप में दिखा छात्रसंघ चुनाव का जोश
अलीगढ़। कहीं गगनभेदी नारे, कहीं प्लेट पर चम्मच की थाप, तो कहीं बुलट के मोडीफाइड साइलेंसर की तेज आवाज। हाथों में यूनिवर्सिटी के झंडे और हवा में उड़ते प्रचार के हैंडबिल। प्रत्याशियों के कंधों पर सवार समर्थक और उनके पीछे नारों से गूंजता छात्रों का हुजूम। एएमयू छात्रसंघ चुनाव में नामांकन के दौरान बृहस्पतिवार को कैंपस का नजारा कुछ ऐसा ही रहा। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सचिव पद के साथ कैबिनेट व एएमयू कोर्ट मेंबर पदों के प्रत्याशियों ने नामांकन किया तो समर्थकों का उत्साह भी खूब दिखाई दिया।
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देश की चुनाव व्यवस्था पर सवाल उठाने वाले एएमयू में अपने चुनाव पर ही पर्दा
अलीगढ़। देश की चुनाव व्यवस्था पर सवाल उठाने वालों के अपने चुनाव में पारदर्शिता का पैमाना क्या है? अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) छात्रसंघ चुनाव में नामांकन के दौरान यही सवाल खड़ा हो गया। अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव, कैबिनेट और एएमयू कोर्ट मेंबर पदों के लिए कुल 151 नामांकन दाखिल हुए, लेकिन मुख्य चुनाव कार्यालय प्रत्याशियों के नामों की सूची तक मीडिया को उपलब्ध नहीं करा सका।नामांकन की संख्या बताने में भी मशक्कत करनी पड़ी। ऐसे में सवाल है कि जब चुनाव में उतरने वाले प्रत्याशियों के नाम ही आसानी से नहीं मिल पा रहे, तो चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही कैसे सुनिश्चित होगी?


60 सदस्यीय कमेटी, फिर भी जानकारी का अभाव
चुनाव संपन्न कराने के लिए 60 सदस्यों की कमेटी गठित की गई है। इसके बावजूद नामांकन करने वाले प्रत्याशियों की सूची उपलब्ध नहीं हो सकी। जनसंपर्क अधिकारी उमर पीरजादा से नामों की जानकारी मांगी गई तो उन्होंने कुल संख्या बताकर मुख्य चुनाव अधिकारी का मोबाइल नंबर दे दिया। मुख्य चुनाव अधिकारी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन स्विच ऑफ मिला। इसके बाद यूनिवर्सिटी के अन्य जिम्मेदार लोगों से भी संपर्क किया गया, लेकिन प्रत्याशियों के नामों की जानकारी नहीं मिल सकी।

प्रत्याशियों ने भी उठाए पारदर्शिता पर सवाल
अध्यक्ष पद के प्रत्याशी अब्दुल वहीद ने चुनाव कार्यालय के रवैये को सुस्त बताते हुए कहा कि प्रत्याशियों के नाम तक उपलब्ध न करा पाना उसकी नाकामी है। इससे चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल उठते हैं।
अध्यक्ष पद की प्रत्याशी आमिना इरशाद ने भी नामों की जानकारी न दिए जाने को गलत बताया। उनका कहना है कि इससे चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता प्रभावित हो सकती है।
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