फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एएमयू में छात्रों ने राष्ट्रगान गाया, जताया विरोध, सीएए की प्रतियां फाड़ीं

विज्ञापन
एएमयू डक प्वाइंट छात्र-छात्राओं ने नागरिकता संशोधन कानून का विरोध किया। - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में शुक्रवार को छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रगान गाकर नागरिकता संशोधन कानून का विरोध किया। कानून की प्रतियां फाड़ीं। साथ ही देश में मारे गए प्रदर्शनकारियों की आत्मा की शांति के लिए एक दिन का रोजा रखकर प्रार्थना की गई। कुरान ख्वानी की गई। घायलों के भी जल्द स्वस्थ होने की दुआ की गई। संविधान की प्रस्तावना को सामूहिक रूप से पढ़ा और बाद में रोजा इफ्तार किया गया। इसमें पुलिस अधिकारी भी शामिल हुए।
विज्ञापन

एएमयू में नागरिकता कानून के विरोध का शुक्रवार को अलग ही रंग नजर आया। शाम करीब 5 बजे छात्र इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने (डक प्वाइंट) सर सैयद के संदेश लगे स्मारक के पास इकट्ठा हुए। यहां पर सामूहिक रूप से संविधान की प्रस्तावना (हम भारत के लोग) को पढ़ा और संविधान में आस्था का प्रदर्शन किया। छात्रों ने बांसुरी की धुन पर अल्लामा इकबाल का लिखा ‘सारे जहां से अच्छा, हिन्दोस्तां हमारा’ का गायन किया। फिर राष्ट्रगान गाया और इसके बाद नागरिकता संशोधन कानून की प्रतियों को फाड़ दिया।
इससे पहले छात्रों ने आंदोलन में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देने के लिए रोजा रखा। एएमयू जामा मस्जिद में जुमे की नमाज पढ़ी और बाद में गेस्ट हाउस नंबर तीन पर रोजा इफ्तार किया। इसमें सीओ तृतीय (सिविल लाइन) अनिल समानिया, सीओ बरला सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए।
विज्ञापन

छात्रों का कहना था कि हम अमन चैन चाहते है और शांतिपूर्वक ढंग से बात को रखते हैं। हमने पुलिस, प्रशासनिक, एएमयू इंतजामिया के लोगों को भी इफ्तार में आमंत्रित किया और वह भी हमारे साथ इफ्तार में शामिल हुए।
आरोप : बाब ए सैयद पर इंतजामिया ने छात्रों को धमकाया
अलीगढ़। शुक्रवार को छात्रों ने विरोध जताने के लिए अपना स्थान बदल लिया। बाब ए सैयद के स्थान पर वह इंजीनियरिंग कॉलेज के सामने वाली जगह पर आ गए। छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय प्रशासन उन्हें वहां डरा धमका रहा है। इसके चलते उन्होंने जगह बदल ली।
कानून की छात्र सुमैया ने कहा कि हम बाब ए सैय्यद पर सीएए के विरोध में प्रोटेस्ट किया करते थे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने हमें इसके लिए डराया धमकाया है। हमें नोटिस भी भेजे गए कि हम लोग वहां पर प्रोटेस्ट न करें। इसलिए हम लोग डक प्वाइंट पर आ गए और हमने डक प्वाइंट पर प्रोटेस्ट किया। छात्र हैदर अब्बास ने कहा कि केंद्र सरकार पहले से ही मुसलमान व अल्पसंख्यक विरोधी है। शुरू से ही कुछ न कुछ गलत ही किया है। इसीलिए हम अपना विरोध जताने के लिए यहां इकट्ठा हुए हैं। क्योंकि ये हमारा हक है। हमने प्रीएंबल को सभी के सामने पढ़ा, साथ ही उसके बाद हमने सीएए की कॉपी को फाड़ा है।
‘मैं और सीओ बरला ड्यूटी कर रहे थे। छात्रों ने बेहद सम्मान और आदर से कहा कि सर आप यहां आइए और रोजा इफ्तार कीजिए। हम छात्रों के पास गए। छात्रों के साथ बैठने से अगर शांति होती है तो हमें उनके साथ बैठने में बेहद खुशी है’
- अनिल समानिया, सीओ तृतीय
‘पूरे देश में हमारे लोगों ने रोजा रखा है। अमन के लिए दुआ की है। कुरान ख्वानी की। घायल हुए लोगों के लिए दुआ की है। जो मारे गए हैं उनकी आत्मा की शांति के लिए दुआ की है। हम चाहते हैं कि आपस में मोहब्बत फिर से आए। इफ्तार में एसीएम द्वितीय, सीओ, थाना प्रभारी आदि सभी लोग शामिल थे’
विज्ञापन

- फैजुल हसन, पूर्व अध्यक्ष, एएमयू छात्र संघ

एएमयू डक पांइट पर नागरिकता संशोधन कानून की फोटो कॉपी फाड़ते छात्र-छात्रा।- फोटो : CITY OFFICE

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें