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नागरिकता संशोधन कानूनः सीएम, गृह सचिव और डीजीपी दे रहे थे हिदायत, हद में रहें छात्र

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एएमयू छात्रों को समझाते डीएम चन्द्र भूषण सिंह और एसएसपी आकाश कुलहरि। - फोटो : CITY OFFICE
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अभिषेक शर्मा
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नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में एएमयू के हजारों छात्रों ने शुक्रवार का जुमे की नमाज के बाद बाब-ए-सैयद पर जमकर प्रदर्शन किया। मूसलाधार बारिश में छात्र तिरंगा लहराते हुए आजादी.. आजादी.. के नारे लगाते हुए डटे रहे। पुलिस प्रशासन की सख्ती और अलग अलग चक्रवार सुरक्षा के कारण छात्र बाव ए सैयद से यूनिवर्सिटी सर्किल की ओर आगे नहीं बढ़ सके। उनको प्रशासनिक ब्लाक के पास ही रोक लिया गया। दरअसल, इसके पीछे शासन की सख्त हिदायत ने पूरा असर दिखाया। यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, प्रमुख गृह सचिव (अतिरिक्त) अवनीश अवस्थी और डीजीपी ओपी सिंह एएमयू के पूरा घटनाक्रम पर नजर रखे हुए थे। बृहस्पतिवार से ही प्रमुख सचिव गृह और डीजीपी लगातार फीडबैक ले रहे थे। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को सख्त हिदायत दी थी कि किसी भी हाल में शांति व्यवस्था नहीं बिगड़नी चाहिए। इसलिए बृहस्पतिवार रात से ही शुक्रवार शाम तक के लिए इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी।
पुलिस ने पहले बाव ए सैयद गेट पर, इसके बाद प्रशासनिक ब्लाक और फिर यूनिवर्सिटी सर्किल पर तीन स्तरीय सुरक्षा घेरा लगाया था। योजना के अनुसार किसी भी हाल में छात्रों को बाव ए सैयद और प्रशासनिक ब्लाक से आगे नहीं बढ़ने देना था। अगर छात्र बाव ए सैयद से आगे बढ़े तो उनको प्रशासनिक ब्लाक में रोका जाना था। तयशुदा योजना के अनुसार ही छात्रों को प्रशासनिक ब्लाक के पास ही रोक लिया गया। कुछ छात्र आगे बढ़ना चाहते थे पुलिस ने इशारे से डंडा दिखाया।
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बैरीकेडिंग पर डंडा फटकारा। जिससे छात्र वहीं ठिठक गए। इस दौरान सुबह से दोपहर बाद तक लगातार पुलिस बल बढ़ता रहा। यहां पर पीएसी, आरएएफ, आरआरएफ और कई थानों का पुलिस फोर्स तैनात किया गया था। दोपहर में ही डीआईजी डा. प्रीतिंदर सिंह राउंड लेकर गए। उन्होंने भी किसी भी कीमत पर एएमयू छात्रों को बाहर नहीं आने देने का निर्देश दिया। कहा कि कैंपस के अंदर ही प्रदर्शन करेे। पूरी तैयारी के साथ प्रशासन ने दो बार के अनुभव के आधार छात्रों को बावे सैयद से प्रशासनिक ब्लाक के पास ही रोक लिया।
जिला प्रशासन आपके साथ : डीएम
एएमयू छात्रों की हजारों की भीड़ के बीच पहुंचे जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने एक टेबिल मंगवाई और उस पर चढ़ कर छात्रों से कहा कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन हरेक छात्र के साथ है। छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी प्रशासन पर है। सभी का ख्याल रखा जा रहा है। हम आपके बीच इसलिए आए हैं कि आप यहीं पर अपना ज्ञापन दे दें। प्रशासन आपकी मांग शासन के माध्यम से केंद्र तक पहुंचा देगा। इसके लिए आप बिल्कुल परेशान न हों। इसके बाद डीएम ने बच्चों को शांति के साथ प्रदर्शन करने को कहा और एएमयू कैंपस में ही रहने को कहा।
डीएम धक्का मुक्की से बाल बाल बचे
संवाद करने के लिए एक टेबिल मंगा कर उस पर चढ़े जिलाधिकारी ने जब बोलना शुरू किया तो उनको करीब से सुनने के लिए कई छात्र टेबिल के पास पहुंच गए। इस बीच टेबिल पर धक्कामुक्की होने से संतुलन बिगड़ने लगा। जिस पर डीएम के सुरक्षाकर्मियों ने उनको सहारा देकर संभाला। पास में मौजूद सीडीओ अनुनय झा ने उनको हाथ पकड़ कर नीचे उतरने में सहारा दिया। इसी बीच सुरक्षा कर्मियों ने चारो ओर से टेबिल को घेर लिया तो सतुंलन दोबारा से बन गया और जिलाधिकारी गिरने से बच गए।
माइक नहीं होने से आवाज दब गई
अलीगढ़। जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह और एसएसपी आकाश कुलहरि ने जब छात्रों से संवाद शुरू किया तो माइक नहीं होने की दिक्कत सामने आयी। माइक आने के बाद एसएसपी की बात छात्रों ने सुनी। इसस पहले जिलाधिकारी का संवाद कुछ छात्रों तक ही पहुंच पाया था।
आप एएमयू से तो मैं जेएनयू से : एसएसपी
जिलाधिकारी के बाद एसएसपी आकाश कुलहरि ने मोर्चा संभाला। वह टेबिल पर आए और उन्होंने अपने अपन सहकर्मियों से माइक मांगा। कुछ देर बाद माइक आया तो एसएसपी ने संवाद शुरू किया। उन्होंने कहा कि आप लोग पहले मेरी बात सुन लो। आप आजादी आजादी के नारे लगा रहे हो..। केवल बोलने की नहीं सुनने की आजादी की भी जरूरत है..। प्रदर्शन करना है तो करें, लेकिन प्रजातांत्रिक तौर तरीकों से। आप एएमयू से हो और मैं जेएनयू से हैं। मैंने भी बहुत प्रदर्शन देखे सुने हैं। आप लोकतांत्रिक तरीके से जितने दिन चाहे प्रदर्शन करें। लेकिन बदतमीजी करेंगे तो उसका जवाब हम पुलिस के तरीके से देंगेे। पुलिस की तरह कार्रवाई करने को हमें मजबूर न करे। डीएम सर आपके पास है मैं आपके पास हूं। एसएसपी ने पूरे संवाद ने छात्रों को समझाया।
कौम की कसम देकर जुटाई भीड़
पुलिस के खुफिया सूत्रों के अनुसार जुमे की नमाज के बाद बाव ए सैयद पर छात्रों को एकजुट करने के लिए नेता रात से ही लग गए थे। नेताओं की आशंका थी कि प्रशासन इंटरनेट बंद करा देगा तो मैसेज नहीं जा पाएंगे। इसलिए नेताओं ने एक एक हॉल में संदेश भेजा और नागरिकता संशोधन बिल पर कौम का हवाला देकर सबको एकुजट किया। इसका ही नतीजा था कि दस हजार की संख्या में छात्र वहां एकत्र हो गए।
सेमेस्टर और वार्षिक परीक्षाएं शुरू होने के कारण बहुत से छात्र इन दिनों अपनी अपनी तैयारी में लगे हैं लेकिन इस प्रदर्शन में उनको जोड़ा गया। जिससे संख्या बल के अनुसार एएमयू का पूरा शक्ति प्रदर्शन हो सके। इसलिए अधिकांश छात्र इसमें शामिल हुए। वहीं कुछ छात्रों की उपस्थिति परीक्षा में उनके आगे बाधा न बने इसलिए भी छात्र इस प्रदर्शन को अपनी ढाल बनाना चाहते थे। कुछ छात्र चाहते थे कि इस प्रदर्शन के आधार पर परीक्षा की तारीख आगे बढ़े तो उनको उपस्थिति पूरी करने और तैयारी करने का मौका मिल सके। हालांकि अभी तक विवि इंतजामिया ने परीक्षा के संबंध में कोई नया फैसला नहीं किया है। परीक्षा की तारीख और कार्यक्रम पूर्ववत ही है।
जमालपुर की जुमे की नमाज पर भी थी नजर
एएमयू के साथ ही पुलिस प्रशासन की नजर जमालपुर ईदगाह की जुमे की नमाज पर भी थी। प्रशासन के खुफिया अधिकारी मान रहे थे कि कहीं जमालपुर में नमाज के बाद वहां के हजारों लोग भी एएमयू के प्रदर्शन में शामिल न हो जाएं। इसलिए प्रशासन ने जमालपुर की नमाज खत्म होने के बाद कुछ राहत महसूस की। वहां के लोग नमाज के बाद अपने अपने काम परलग गए। इधर, एएमयू के छात्रों ने जामा मस्जिद में अपनी नमाज अदा की और वहां से सीधे बाव ए सैयद पर आ गए। वहां प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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10 हजार का था आइडिया.. और आए भी
शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद एएमयू छात्रों की दस हजार की भीड़ एकत्र होने की खुफिया सूचना प्रशासन को गुरुवार को ही मिल गई थी। इसलिए पुलिस प्रशासन ने रात 12 बजे के करीब यातायात की एडवायजरी जारी की थी, जिसमें कहा गया था कि आम आदमी अपने आने जाने के लिए एएमयू के बाव ए सैयद गेट के आसपास के रास्ते से न जाए। जुमे की नमाज से पहले और उसके बाद वहां के रास्ते से बचे। हुआ भी यही जुमे की नमाज के बाद तकरीबन दस हजार छात्र वहां एकत्र हुए और उन्होंने जबरदस्त विरोध किया।

एएमयू छात्रों को समझाते एसएसपी आकाश कुलहरि।- फोटो : CITY OFFICE

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