अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा यूनिवर्सिटी को अवकाश के बाद खोलने की घोषणा के बाद विरोध के तौर पर छात्रों को धमकाया जा रहा है कि जब तक कुलपति और रजिस्ट्रार इस्तीफा नहीं देते तब तक कोई परीक्षा नहीं देगा। इस तरह की बातें व्हाट्सएप ग्रुप में चैट के रूप में चल रही हैं।
हालांकि एएमयू प्रशासन का कहना है कि सोशल मीडिया की इन बातों को अधिक गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। हमें अपने छात्रों पर पूरा भरोसा है।
13 जनवरी को एएमयू को चरणबद्ध तरीके से खोला जा रहा है। पहले चरण में फैकल्टी ऑफ मेडिसिन, यूनानी मेडिसिन, जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को खोला जाएगा। इन संकायों के छात्रों की अगर कोई परीक्षा छूटी है तो वह 16 जनवरी को आयोजित की जाएगी। कुछ व्हाट्सएप ग्रुप में छात्रों को धमकाया जा रहा है कि जब तक कुलपति और रजिस्ट्रार इस्तीफा नहीं देंगे तब तक कोई परीक्षा नहीं देगा।
इस पर दूसरे ने लिखा कि अगर कोई गया तो। इसके बाद फिर से लिखा जाता है कि इसके लिए वह खुद जिम्मेदार होगा। चैट में एक ने लिखा कि क्या यह धमकी है? इस पर लिखा जाता है कि वार्निंग समझ लो या जो समझो इस बार साथ नहीं दिया तो अगली बार पेपर देने के लायक नहीं रहोगे। इस तरह की चैट से छात्रों के बीच में सुगबुगाहट शुरू हो गई है।
सोशल मीडिया पर बहुत सी बातें चलती हैं। उन्हें बहुत गंभीरता से नहीं लिया जा सकता है। हमें अपने छात्रों पर पूरा भरोसा है। ज्यादातर छात्र पढ़ने वाले हैं। वह नहीं चाहेंगे कि उनका साल खराब हो। जिसका प्रभाव उनके कैरियर पर पड़े। छात्र ऐसे किसी भी अराजक तत्वों के बहकावे में नहीं आएंगे जो चाहते हैं कि कैंपस का माहौल खराब हो।
- प्रो. अफीफउल्लाह, प्रोक्टर, एएमयू