पहले तो परिजन यहां पोस्टमार्टम कराने को राजी नहीं थे। रात में किसी तरह वे राजी हुए। तीन चिकित्सकों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया। इसमें पूरे शरीर पर किसी तरह की चोट या खरोंच नहीं पाई गई। मृत्यु का कारण हैंगिंग (फंदे पर लटकना) पाया गया।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के एमए प्रथम वर्ष के छात्र मो. शाकिर की मौत पोस्टमार्टम में भी आत्महत्या (हैंगिंग) ही माना गया है। 21 फरवरी रात चिकित्सकों की टीम ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार के सुपुर्द कर दिया। परिजन बिना कोई तहरीर दिए शव साथ ले गए। इधर, पुलिस ने एएमयू द्वारा बरामद किए गए सुसाइड नोट की जांच शुरू कर दी है।
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मूल रूप से लखीमपुर खीरी के कास्ता निवासी ईंट भट्ठा कारोबारी मो. जाहिद का बेटा मो. शाकिर (24) एएमयू से सुन्नी थियोलॉजी विषय में एमए प्रथम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। वह ऑफताब हॉल के मुमताज हॉस्टल के कमरा नंबर 34 में रहता था। 21 फरवरी की सुबह आठ बजे उसका शव हॉस्टल परिसर में रस्सी के फंदे से लटका मिला था। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया था। पुलिस व एएमयू इंतजामिया ने प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या मानते हुए शव पोस्टमार्टम को भेज दिया।
पहले तो परिजन यहां पोस्टमार्टम कराने को राजी नहीं थे। रात में किसी तरह वे राजी हुए। तीन चिकित्सकों की टीम ने शव का पोस्टमार्टम किया। इसमें पूरे शरीर पर किसी तरह की चोट या खरोंच नहीं पाई गई। मृत्यु का कारण हैंगिंग (फंदे पर लटकना) पाया गया। एसएचओ सिविल लाइंस राजवीर सिंह परमार ने बताया कि परिजन किसी तरह की कोई तहरीर नहीं देकर गए हैं। सुसाइड नोट की जांच की जा रही है।
एएमयू छात्र की मौत मामले में आत्महत्या की पुष्टि हुई है। सुसाइड नोट की जांच के साथ आसपास के सीसीटीवी भी दिखवाए जा रहे हैं। सभी साक्ष्य संकलित कर परिवार को भी जरूरत पर बुलाया जाएगा। - अभय पांडेय, सीओ तृतीय