हैदराबाद यूनिवर्सिटी के दलित शोध छात्र रोहित की आत्म हत्या की चिंगारी एएमयू में पहुंच गई है। गुरुवार को छात्रों ने कैंपस में कैंडल मार्च निकालकर प्रदर्शन किया और रोहित को श्रद्धांजलि अर्पित की।
एएमयू छात्रों ने केंद्र सरकार से घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग की। इसके साथ ही ऐलान किया कि वे लोग हैदराबाद जाकर दलित छात्र के परिजनों से मिलेंगे।
बुधवार को एसएफआई एएमयू इकाई ने केंद्र सरकार से दलित शोध छात्र रोहित की आत्म हत्या की न्यायिक जांच कराने की मांग की थी। गुरुवार को छात्रों ने छात्र नेता फहीम अख्तर के नेतृत्व में कैंपस में कैंडल मार्च निकाला और बाब-ए-सैयद पर रोहित की तस्वीर के सामने कैंडल रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
छात्रों ने केंद्र सरकार से पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की और आरोप लगाया कि एबीवीपी एवं वीसी के दबाव में रोहित ने आत्म हत्या की। छात्र नेता फहीम अख्तर ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार की फांसीवादी नीति के खिलाफ अंतिम लड़ाई लड़ने को एएमयू छात्र तैयार है।
जरूरत पड़ी तो वे लोग हैदराबाद जाकर दलित शोध छात्र रोहित के परिजनों से मिलेंगे। मार्च में शिकोह, फराज, शादाब, सोफी, फैजान शाहिद, तारिक नियाजी, मोहसिन इकबाल आदि शामिल थे।