पुलवामा हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों के प्रति सोशल मीडिया पर कथित रूप से विवादित टिप्पणी करने वाले अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के कश्मीरी छात्र बसीम हिलाल ने पत्र लिखकर कुलपति से खेद व्यक्त किया है।
उन्होंने कुलपति को ई मेल भी भेजा है। अपने साथी कश्मीरी छात्रों को कुलपति के नाम पत्र भी भेजा है जिसे प्राक्टर को सौंपा गया है। बसीम हिलाल के खिलाफ थाना सिविल लाइन में आईटी एक्ट और संगत धाराओं रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
बीती 14 फरवरी को पुलवामा हमले के बाद सभी ओर इसी घटना का जिक्र हो रहा था। सोशल मीडिया पर भी यही छाया हुआ था। इसी क्रम में कश्मीर के रहने वाले और एएमयू में बीएससी गणित का अध्ययन कर रहे बसीम हिलाल ने भी सोशल मीडिया पर टिप्पणी की कि ‘हाउ इज द जैश, सर।’
इस टिप्पणी के बाद इसको सैनिकों की शहादत के प्रति अपमान के तौर पर देखा गया। एएमयू के छात्रों सहित अन्य संस्थाओं ने भी इसकी निंदा की। बसीम हिलाल को विश्वविद्यालय से निलंबित कर दिया गया और पुलिस की ओर से थाना सिविल लाइन में आईटी एक्ट सहित संगत धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
इसके बाद बसीम हिलाल का कुछ पता नहीं है। कभी उसकी लोकेशन नोएडा तो कभी दिल्ली में मिलने की बात कही जाती है। ताजा घटनाक्रम में बसीम हिलाल ने कुलपति को ई मेल भेजकर और पत्र लिखकर पूरे प्रकरण के लिए खेद व्यक्त किया है। बसीम हिलाल की ओर से कहा गया है कि उसका मकसद किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। एक फिल्म में यह डायलाग था जिसको उसने सोशल मीडिया पर इस्तेमाल कर लिया था।