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एएमयू के वास्ते, अंबेडकर के रास्ते

Sun, 31 Jan 2016 01:17 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/नगेश शर्मा
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एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप को पूरी तरह नकारती रही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अब एएमयू में दलितों के लिए आरक्षण लागू कराने के लिए संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर की राह पर चल पड़ी है। यही कारण रहा कि अलीगढ़ के डीएवी कॉलेज में शनिवार को शुरू हुए अभाविप ब्रज प्रांत के 56वें अधिवेशन में अंबेडकर का जमकर गुणगान किया गया।
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ऐसा होना स्वाभाविक दिखाई नहीं देता, कारण स्पष्ट है कि हैदराबाद में छात्र रोहित वेमुला की मौत के मामले में अभाविप पर ही आरोप लगाए जा रहे हैं, हालांकि परिषद के नेता रोहित को दलित बताने वालों पर गंदी राजनीति करने का आरोप लगा रहे हैं। उधर, पांचजन्य के संपादक हितेश शंकर ने भी तारीफ में कसीदे कढे़। कहा, संविधान निर्माता बाबा साहब सर्वसमाज के नेता थे, वर्ग विशेष से जोड़कर उन्हें नहीं देखना चाहिए।

अभाविप के राष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर का पिछले वर्ष एएमयू में किया गया गोपनीय दौरा ‘अमर उजाला’ में प्रकाशित होने के बाद चर्चाओं में आ गया। यह चर्चा भी आम हो गई थी कि अभाविप के प्रस्तावों पर ही केंद्र सरकार ने विचार करते हुए एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप को पूरी तरह नकार दिया। बताया जाता है कि इन्हीं प्रस्तावों में एएमयू में ओबीसी, एससी और एसटी के छात्रों के लिए आरक्षण लागू करने की मांग भी की गई थी।
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अब चूंकि अलीगढ़ में ही अभाविप का प्रांतीय अधिवेशन चल रहा है इसलिए एएमयू पूरी तरह निशाने पर है। अधिवेशन में शामिल हुए सुनील आंबेकर ने एएमयू में आरक्षण लागू करने की वकालत करते हुए डॉ. अंबेडकर की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि अंबेडकर को बाबा इसलिए कहा जाता है कि वह सबके थे। 

समानता लाने के लिए ही बाबा साहब ने संविधान में आरक्षण की व्यवस्था की। जानकार बताते हैं कि अभाविप के किसी प्रांतीय अधिवेशन में डॉ. अंबेडकर की इस तरफ तारीफ पहली बार है। ऐसा इसलिए भी हो सकता है कि हैदराबाद में छात्र की आत्महत्या के मामले में अभाविप पर ही आरोप लगाते हुए इस संगठन को दलित विरोधी बताया जा रहा है।

एएमयू में भी लागू हो आरक्षणः आंबेकर
अलीगढ़ (ब्यूरो)। एबीवीपी के रार्ष्ट्रीय संगठन मंत्री सुनील आंबेकर ने कहा है कि अमुवि के अल्पसंख्यक स्वरूप का मामला हो या फिर हैदराबाद विवि में हुई छात्र की मौत का मामला। इन मामलों को लेकर घिनौनी राजनीति की जा रही है। उन्होंने कहा कि एएमयू कोई अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थान नहीं है। वहां एससी, एसटी आदि के लिए आरक्षण व्यवस्था लागू होनी चाहिए। इसकी मांग भी प्रधानमंत्री से की गई है कि वर्ष 2016 के सत्र में वहां यह व्यवस्था लागू की जाए।

 उन्होेंने कहा कि इसे लेकर आंदोलन भी किया जाएगा। वह परिषद के सम्मेलन के दौरान यहां पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि हैदराबाद विश्वविद्यालय में छात्र रोहित की मौत को लेकर भी गंदी राजनीति की जा रही है। ऐसे में संगठन ने सात दिन तक का इस घटना के सच कोे उजागर करने का जागरण अभियान छेड़ा है। सात दिन तक स्कूल, कॉलेजों में जाकर संगठन के कार्यकर्ता व पदाधिकारी यह बताएंगे कि आखिर वहां सही घटना क्या थी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जैसे नेता वहां जाकर गलत राजनीति कर रहे हैँ।

एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप के मसले पर उन्होंने कहा कि तुष्टिकरण के तहत एएमयू को अल्पसंख्यक स्वरूप देने की मांग की जा रही है। एएमयू कभी अल्पसंख्यक संस्था थी ही नहीं। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि आज शिक्षा का व्यवसायीकरण हो गया है। इस पर रोक की जरुरत है। ऐसे में और ज्यादा सरकारी महाविद्यालयोें की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विश्वविद्यालयों की हालत खराब है। इनके  सुधार की जरुरत है। उन्होंने छात्राओं की सुरक्षा पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों की समस्याओं को लेकर विद्यार्थी परिषद ने हमेशा लड़ाई लड़ी है और लड़ती रहेगी।
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