अलीगढ़। एएमयू के 63 वें दीक्षांत समारोह का आयोजन शनिवार को गुलिस्तान-ए-सैयद में हो रहा है। कार्यक्रम सुबह 11 बजे से शुरू होगा। आयोजन में विश्वविद्यालय के चांसलर डॉ. सैय्यदना मुफद्दल सैफउद्दीन भी शामिल होंगे। साथ ही अमेरिका के उद्यमी और समाज सेवी फ्रेंक इस्लाम मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। आयोजन के लिए फाइनल रिहर्सल शुक्रवार को की गई। दीक्षांत समारोह के टेलीकास्ट को ईटीवी उर्दू पर भी देखा जा सकता है।
इससे पूर्व दीक्षांत समारोह में शामिल होने आए एएमयू के चांसलर डॉ. सैय्यदना मुफद्दल सैफउद्दीन ने गुरुवार को परिसर में बनी जामा मस्जिद स्थित सर सैय्यद अहमद खां की मजार पर फूलों की चादर चढ़ा कर संस्था के संस्थापक को श्रद्धांजलि अर्पित की। सैय्यदना ने मौलाना आजाद लाइब्रेरी में रखी दुर्लभ पांडुलिपियों को भी देखा और लाइब्रेरी में पवित्र कुरान से संबंधित पांडुलिपियों में गहरी रुचि दिखाई। लाइब्रेरियन डॉ. अमजद अली ने उनका स्वागत किया। सैय्यदना कैनेडी हाल स्थित मूसा डकरी संग्रहालय भी देखने गये। यहां प्रो.अली अथर ने उन्हें इस संग्रहालय के बारे में विस्तार से बताया।
एसटीएस स्कूल में चांसलर सैय्यदना के सम्मान में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां उन्होंने एक शताब्दी पहले निर्मित एसटीएस स्कूल के जीर्णोंद्वार का उद्घाटन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सैय्यदना ने कहा कि भूमंडलीयकरण के इस युग में हमें सूचना प्रौद्योगिकी पर विशेष ध्यान देना होगा। उन्होंने छात्रों से कहा कि छात्रों में आसमान छूने की जिज्ञासा होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि शिक्षा इंसान के लिए बहुत जरूरी है। सैय्यदना ने नैतिक शिक्षा के प्रसार पर भी बल दिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति जमीरउद्दीन शाह ने कहा कि एसटीएस स्कूल विश्वविद्यालय के फीडर संस्थान के रूप में विशेष महत्व रखता है, जिसकी विवि के स्तर को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि एसटीएस स्कूल का भवन ऐतिहासिक महत्व रखता है तथा इसके जीर्णोंद्वार के लिए विशेष कदम उठाये जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस स्कूल में प्रवेश के लिए विदेशी छात्रों को आकर्षित करने के प्रयास किये जाएंगे।
कुलपति ने कहा कि विवि प्रशासन ने पहली कक्षा से कंप्यूटर की शिक्षा व प्रशिक्षण अनिवार्य कर दिया है, लेकिन इस क्षेत्र में स्कूल संसाधनों को मजबूत बनाना होगा। स्कूलों के डायरेक्टर प्रो. मो. गुलरेज ने सैय्यदना का स्वागत करते हुए उनके परिवार से एएमयू के संबंधों पर चर्चा की।
स्कूल के प्रिंसिपल फैसल नफीस ने स्कूल की स्थापना एवं इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 1966 में इस स्कूल का नाम मौजूूदा चांसलर सैय्यदना मुफ द्दल सैफुद्दीन के दादा सैय्यदना ताहिर सैफुद्दीन के नाम पर रखा गया था। इस अवसर पर स्कूल के छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। लुबना रूबाब ने कार्यक्रम का संचालन किया और एसटीएस स्कूल के मैनेजर प्रो. मुहम्मद रिजवान खान ने आभार जताया।