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यूजीसी नियमों को तोड़कर प्रवेश देने से एएमयू का इंकार

Sat, 11 May 2019 01:22 AM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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पकौड़े बनाकर बेचते पीएचडी अभ्यर्थी। - फोटो : Amar Ujala
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 सीटें बढ़ाकर पीएचडी में दाखिला देने की मांग कर रहे अभ्यर्थियों से विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ-साफ कह दिया है कि नियमों को तोड़कर प्रवेश नहीं दिया जाएगा। पकौड़ा प्रकरण के बाद एएमयू प्रशासन सख्त है।
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पीएचडी प्रवेश परीक्षा में धांधली का आरोप लगा रहे अभ्यर्थियों के आरोपों को विश्वविद्यालय प्रशासन ने मनगढंत एवं झूठ पर आधारित करार दिया है। एएमयू के प्रवक्ता प्रो. शाफे किदवई ने स्पष्ट किया है कि पीएचडी में प्रवेश की प्रक्रिया पूर्ण रूप से पारदर्शी तथा पीएचडी प्रवेश से संबंधित नियमों के अनुरूप पूर्ण की गई है।


सभी उम्मीदवारों के प्राप्तांक एएमयू वेबसाइट पर प्रकाशित किये गये हैं, जिससे संबंधित किसी ने कोई शिकायत नहीं की है। एएमयू में शिक्षा सत्र  2018-19 में पीएचडी की उपलब्ध सीटों पर प्रवेश को यूजीसी के निर्देशानुसार अधिसूचित किया गया था तथा पात्र उम्मीवारों को ही प्रवेश का अवसर प्रदान किया गया है। 
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विश्वविद्यालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि विरोध प्रदर्शन कर रहे उम्मीदवारों को कई औपचारिक एवं अनौपचारिक बैठकों में पीएचडी में प्रवेश से संबंधित नियमों से अवगत कराया जा चुका है, परंतु वे चाहते हैं कि पीएचडी सीटों में वृद्धि की जाए जो यूजीसी के निर्देशों का उल्लंघन होगा। कुछ उम्मीदवार यह भी चाहते हैं कि उन्हें उनके द्वारा पूर्व निर्धारित विषय के अन्यतर किसी दूसरे विषय में प्रवेश दिया जाए जो एक बार फिर प्रवेश नियमों के विरुद्ध है।



विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि यूजीसी तथा विश्वविद्यालय के नियमों को तोड़ कर प्रवेश प्रदान करना संभव नहीं है। इसलिए पीएचडी अभ्यर्थियों का धरना प्रदर्शन उचित नहीं है।


एएमयू: करीब सात सौ रुपये के बेचे पकौड़े
‘पकौड़े ले लो पकौड़े, 120 रुपये किलो’। यह आवाज बाजार में किसी दुकान पर नहीं बल्कि एएमयू के रजिस्ट्रार ऑफिस के गेट पर सुनाई दे रही थी। पीएचडी प्रवेश परीक्षा में धांधली का आरोप लगाकर पिछले 26 दिन से धरना पर बैठे अभ्यर्थी पकौड़े बेचकर अपना विरोध दर्ज कर रहे थे। प्रधानमंत्री पकौड़ा योजना का बोर्ड लगा पकौड़े बेचने का यह उनका दूसरा दिन था।


शुक्रवार को उन्होंने करीब 700 रुपये के पकौड़े बेचे। धरने पर बैठी महिला अभ्यर्थी मरियम, शबीबा, हुजायरा फारूकी, शिबली कुरैशी आदि ने पहले प्याज, नींबू, पालक और मिर्च आदि काटकर पकौड़े के लिए मिक्सचर तैयार किया। उसके बाद आदिल फारूकी, आकिब खुर्शीद, फराज, नाजिम आदि ने उसे तेल में छानकर बेचा। आकिब, दाउद बेग, फैसल नदवी, कैफ फारूकी, मिस्वाह, आबिद शेख आदि वीसी एवं रजिस्ट्रार लॉज पर पकौड़ा देने गए लेकिन सुरक्षाकर्मियों ने उन्हें गेट से ही वापस कर दिया। अभ्यर्थियों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पानी एवं वॉशरूम के इस्तेमाल पर रोक लगाई थी।


हमलोग पकौडे़ भेंट कर उदारता का संदेश देना चाहते थे। अभ्यर्थियों द्वारा गांधीगीरी कर अधिकारियों को पहले फूल भी भेंट किए गए थे। आकिब खुर्शीद ने बताया कि शुक्रवार को करीब 700 रुपये के पकौड़े एएमयू के छात्र एवं राहगीर खरीद कर ले गए। कुछ पकौड़े हम लोगों ने अपने रोजा इफ्तार के लिए बचा लिये।
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