एएमयू छात्र संघ के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों के अधिष्ठापन समारोह में अल्पसंख्यक स्वरूप का मामला छाया रहा। अध्यक्ष फैजुल हसन ने इसी महीने में दिल्ली में हजारों छात्रों के साथ धरना का एलान किया।
इसके साथ ही उन्होंने भ्रष्टाचार पर जमकर हमला बोला और कहा कि न तो एक पैसा खाऊंगा और न ही एक पैसा किसी को खाने दूंगा। हमें पाई-पाई का हिसाब चाहिए। गुरुवार को एएमयू के एथलेटिक्स ग्राउंड में आयोजित समारोह में कुलपति ले. जनरल (सेवानिवृत्त) जमीरउद्दीन शाह, मुख्य चुनाव अधिकारी प्रो. इकबाल परवेज एवं कोषाध्यक्ष प्रो. नफीस ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं कैबिनेट सदस्यों को परंपरागत गाउन पहनाकर एवं गुलपोशी कर स्वागत किया। इस मौके पर हजारों छात्र मौजूद थे।
इंतजामिया को छात्र नेताओं के सीधे हमले का सामना करना पड़ा। छात्र संघ के सदर (अध्यक्ष) फैजुल हसन ने कहा कि समारोह संपन्न होने के बाद नमाज अदा कर वे लोग सीधे जेएन मेडिकल कॉलेज जाकर छात्रों की सुविधाओं को लेकर प्रिंसिपल से बात करेंगे। डेंगू या किसी बीमारी से यदि दूसरे छात्र की मौत हुई तो इसका अंजाम ठीक नहीं होगा और 28 हजार छात्रों को मेडिकल कॉलेज में घुसा दूंगा। उन्हाेंने कंट्रोलर, फाइनेंस आफिसर एवं डीएसडब्लू से कहा कि वे अपने-अपने विभाग के छात्रों से संबंधित मसलों की फाइनल रिपोर्ट बनाकर तैयार रखें।
शुक्रवार को यूनियन के पदाधिकारी स्वयं दफ्तर में पहुंचकर पूरी स्थिति से अवगत होंगे। उन्होंने ऐलान किया कि इसी महीने दिल्ली में जंतर-मंतर पर अल्पसंख्यक स्वरूप को लेकर हजारों छात्र धरना देंगे। उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्र्ट एवं संविधान में उनकी पूरी आस्था है और आज उसी की बदौलत सदर की कुर्सी पर बैठे हैं।
उन्होंने छात्रों से कैंपस में आगजनी एवं तोड़फोड़ न करने की अपील की।
उन्होंने एएमयू एग्जीक्यूटिव काउंसिल द्वारा 83वां छात्र संघ चुनाव रद्द किए जाने पर भी सवाल उठाया और कहा कि इसको लेकर वे लोग सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे। पूर्व छात्रों से अपील की कि वह किसी के निजी खाते में पैसे ट्रांसफर न करें।
एसएसपी से बातचीत का उल्लेख करते हुए कहा कि कही भी पुलिस रोके तो अपना आईडी कार्ड दिखाए, पुलिस वाले नहीं रोकेंगे। इससे पूर्व उपाध्यक्ष मो. नदीम अंसारी ने यह कहकर सनसनी फैला दी कि औरतें मशवरा कर सकती हैं, सियासत नहीं।
उन्होंने इंतजामिया पर जमकर हमला बोला और वीसी की ओर मुखातिब होकर कहा कि अब्दुल्लाह स्कूल से अच्छा ओएलएफ स्कूल के बच्चे अंग्रेजी बोलते हैं। शिक्षकों को लगाकर बच्चों की अंग्रेजी ऐसी करा दीजिए कि ऑक्सफोर्ड का टीचर यहां आए तो बच्चों की अंग्रेजी सुनकर थर-थर कांपे।
सचिव नबील उस्मानी ने कहा कि छात्रों ने डिनर के जो पैसे मुजफ्फरनगर के दंगा पीड़ितों एवं कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों के लिए दिया था, उसकी ऑडिट रिपोर्ट चाहिए। उन्होंने डीएसडब्लू समेत अन्य अधिकारियों पर जमकर हमला बोला। इससे पूर्व कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं एएमयू छात्र संघ के 1966 में रहे अध्यक्ष डॉ. मोहसिन रजा ने कार्यक्रम को संबोधित किया।
समारोह में कैबिनेट सदस्य नवेद अहमद, लबीबा शेरवानी, वसील के, गजाला अहमद, अब्दुल वासे, इरफान अली, आसिफ इदरीश, मो. नवेद सिद्दीकी, अमानउल्लाह शामिल हुए। सदफ रसूल ऑपरेशन के कारण कार्यक्रम में शामिल नहीं हो सकीं।