अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस 1997 बैच के 80 पूर्व छात्रों ने पूर्ण उत्साह के साथ पुराने दिनों कि यादें ताज़ा कीं। 25 साल बाद अपनी मातृसंस्था को देखने और नए संबंध बनाने के लिए विश्वविद्यालय में इकट्ठा हुए। यहीं उन्होंने अपना एमबीबीएस कोर्स शुरू करने के लिए सबसे पहले सफेद कोट पहना था।
1997 बैच के पूर्व छात्र जेएनएमसी में रजत जयंती रीयूनियन ‘डेल्यूज-2022’ मना रहा है। एएमयू कुलपति प्रोफेसर तारिक़ मंसूर ने कहा कि शिक्षक और माता-पिता आपकी सफलता का जश्न मनाते हैं। वे आपकी उपलब्धियों से जुड़े हुए हैं क्योंकि उन्होंने अपना पूरा जीवन आशा जगाने, कल्पना को प्रज्वलित करने और आप के अंदर ज्ञान प्राप्ति कि रूचि जगाने में बिताया है। 1997 बैच के एमबीबीएस छात्र, जो अब अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और देश के विभिन्न हिस्सों में सफल चिकित्सक के रूप में काम कर रहे हैं, अपनी व्यस्तता के बावजूद इस रीयूनियन के लिए समय निकाल पाए।
मेडिसिन फैकल्टी के डीन प्रोफेसर एम यू रब्बानी ने कहा कि इस पूर्व छात्र पुनर्मिलन ने न केवल एमबीबीएस 1997 बैच के छात्रों को इतने सालों के बाद एक-दूसरे से मिलने का अवसर प्रदान किया है, बल्कि यह उनके लिए उन विभिन्न परिवर्तनों को देखने का अवसर भी है जो इस संस्था में पिछले कई वर्षों में हुए हैं।
जेएनएमसी के प्रधानाचार्य, प्रोफेसर राकेश भार्गव ने कहा कि अपने छात्र दिनों को याद करना और अनुभव और विशेषज्ञता साझा करना एक अलग अनुभव है। मुझे यकीन है कि इस आयोजन के लिए एकत्रित हुए पूर्व छात्र अपनी उपलब्धियों का अनुभव करने वाले वर्तमान छात्रों को आवश्यक मार्गदर्शन और परामर्श प्रदान करके अपनी मातृसंस्था को वापस देने के इच्छुक हैं। एमबीबीएस 1997 बैच के छात्र, डॉ ज़र्गाम जिया (अध्यक्ष, रेडियोलॉजी विभाग, किंग फैसल विशेषज्ञ अस्पताल और अनुसंधान केंद्र, सऊदी अरब) और ऐमन हैदर ने कार्यक्रम का संचालन किया।
पुराने मित्रों से मिलना एक वरदान है। ये यादें हमेशा हमारे साथ रहेंगी।
-डॉ. नितिन वार्ष्णेय,सलाहकार, के के अस्पताल, अलीगढ़