एएमयू में छात्रों के धरने को संबोधित करती रिचा शर्मा।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) में शनिवार को सीएए, एनआरसी के खिलाफ चल रहे धरने में दिल्ली की सामाजिक कार्यकर्ता रिचा शर्मा शामिल हुईं। उन्होंने कहा कि संसद में आतंकवादी (साध्वी प्रज्ञा) हैं, जबकि एएमयू, जेएनयू को आतंकवादी अड्डा बताकर उसे बदनाम करने की कोशिश की जाती है। विश्वविद्यालय के मुख्यद्वार बाबे सैयद पर 62 दिनों से यह धरना जारी है।
धरनास्थल पर पहुंचीं रिचा ने कहा कि देश में लोगों को बांटने की कोशिश हो रही है। देश व संविधान बचाने के लिए लड़ाई लड़ी जाएगी। जब लड़कर अंग्रेजों को भगा दिया, तो अंग्रेजों के दलाल क्या हैं। सत्ता में बैठे लोग तिरंगे के हरे रंग को भगवा रंग करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि डॉ. कफील पर रासुका लगाया जाना गलत है।
पीएम मोदी कहते हैं कि दंगाइयों की पहचान पहनावे से होती है, लेकिन जाट आंदोलन, करणी सेना, कांवड़िये सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाते हैं, तो इस पर वे कुछ नहीं बोलते। सामाजिक कार्यकर्ता व एडवोकेट तमन्ना पंकज ने कहा कि देश का लोकतंत्र आईसीयू में है।
कहा, मुझे खुद अपना मोबाइल फोन अलीगढ़ तक बंद करना पड़ा, कहीं मुझे ट्रैप न कर लिया जाए। काले कानून के विरोध में शांतिपूर्वक धरना जारी रहेगा। दिल्ली यूनिवर्सिटी की छात्रा स्वाति खन्ना ने कहा कि संविधान पर हमला हो रहा है। एएमयू, जेएनयू के बाद दिल्ली के गार्गी कॉलेज में बाहरी युवकों ने उत्पात मचाया। उन्होंने कहा कि वह खुद इस कॉलेज की छात्रा रही हैं। इसे छात्राओं के लिए काफी सुरक्षित माना जाता था, लेकिन अब ऐसा नहीं रहा। देश में तानाशाही चल रही है।