1- विदेशी छात्रों का उदाहरण देकर राजनीति और हंगामा करने वालों को नसीहत
2- एएमयू इंतजामिया पर दोहरी जिम्मेदारी, पहला अपना मान दूसरा देश का सम्मान
आशीष निगम, अलीगढ़।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने बीते सौ वर्षों में दुनिया के कई देशों से भारत के संबंधों को बेहतर और मजबूत करने का काम किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शताब्दी वर्ष समारोह के संबोधन में इस पर मुहर भी लगाई। इसी के साथ उन्होंने कैंपस में राजनीति करने वाले, हंगामा करने वालों से सधी हुई भाषा में कहा कि ऐसा न करें। इससे यहां पढ़ने वाले विदेशी छात्रों के बीच देश की छवि खराब होती है, जिसका प्रचार पूरी दुनिया में होता है।
पीएम ने कहा कि विवि में उर्दू, अरबी और फारसी भाषा पर निरंतर शोध हो रहा है। इस्लामिक साहित्य पर भी शोध जारी हैं। यह शोध इस्लामिक दुनिया के साथ भारत के संबंधों को नई ऊर्जा देते हैं। अभी लगभग एक हजार विदेशी छात्रों एएमयू में पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में एएमयू की यह भी जिम्मेदारी है कि हमारे देश में जो अच्छा है, जो बेहतरीन है, जो देश की ताकत है, विदेशी छात्र अपने वतन वापसी पर भारत की उन्हीं अच्छी यादों के साथ जाए, क्योंकि एएमयू कैंपस में जो बातें वह सुनेंगे और देखेंगे। उसके आधार पर ही वह राष्ट्र के तौर पर भारत की पहचान से जोड़ेंगे।
इसलिए एएमयू इंतजामिया पर दोहरी जिम्मेदारी है। पहला अपना सम्मान बढ़ाने की और दूसरा भारत की छवि बेहतर बनाने की है। हमें मिलकर इसके लिए काम करना होगा। आपको एक तरफ अपनी यूनिवर्सिटी के साफ्ट पावर को और निखारना है और दूसरी तरफ राष्ट्र निर्माण के अपने दायित्व को निरंतर पूरा करना है। उन्होंने कहा कि मुझे विश्वास है कि एएमयू से जुड़ा प्रत्येक व्यक्ति, प्रत्येक छात्र-छात्रा अपने कर्तव्यों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ेगा, जिससे पूरी दुनिया में एएमयू की धाक के साथ देश का सम्मान भी ऐसे ही बढ़ता रहे।