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एएमयू में प्रदर्शन.. भोपाल एनकाउंटर की न्यायिक जांच हो

Thu, 03 Nov 2016 01:48 AM IST
अमर उजाला,अलीगढ़
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AMU is a judicial inquiry - फोटो : amar Ujala
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भोपाल में सिमी आतंकियों के पुलिस एनकाउंटर के खिलाफ एएमयू में माहौल गरम हो गया है। बुधवार शाम छात्र संघ के बैनर तले सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने मौलाना आजाद लाइब्रेरी से बावे  सैयद तक जुलूस निकाल कर ‘संघ सरकार’ के खिलाफ नारेबाजी की। छात्र हाथों में ए-4 साइज के कागजों पर नारे लिख कर लाए थे। जिसमें लिखा था कि बेवजह मुसलमानों की हत्या बंद करो..।
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ये सब एक बहाना था.. उन आठ लोगों की सजा पूरी हो गई थी इसलिए उन्हें साजिशन मार दिया गया। ‘संघ सरकार’ ने इसकी साजिश रची..। इसके अलावा भी कुछ और नारे लिखे गए थे। बावे सैयद पर पहुंचने के बाद जुलूस को छात्र संघ अध्यक्ष फैजुल हसन, उपाध्यक्ष नदीम अंसारी और सचिव नबील उस्मानी के साथ अन्य नेताओं ने संबोधित किया।

अध्यक्ष फैजुल हसन ने कहा कि लगातार मुसलमानों को बेवजह निशाना बनाया जा रहा है। जेएनयू में छात्र गायब हो या एमपी में साजिशन एनकाउंटर किया जाए। एएमयू छात्र संघ इंसानियत के साथ है और हर नाइंसाफी की खिलाफत करेगा। आतंकवाद का विरोध भी करेगा लेकिन मासूमों को शिकार नहीं बनने दिया जाएगा।
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हम सब पढ़े लिखे लोग हैं। हम संविधान में पूरा भरोसा करते हैं। हमें इंसाफ की पूरी उम्मीद है। अध्यक्ष ने कहा कि वह दंगा फसाद नहीं चाहते हैं लेकिन जब से केंद्र में ‘संघ सरकार’ आई है तब से मुसलमान लगातार निशाने पर लिए जा रहे हैं।

इस दौरान जुलूस में ही राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को संबोधित ज्ञापन चीफ प्रॉक्टर को सौंपा गया। जिसमें उक्त छह सवालों के जवाब के लिए सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में न्यायिक जांच की मांग उठाई गई। यहां पर एमपी की ‘संघ सरकार’ के खिलाफ भी नारेबाजी हुई।

छात्र संघ ने जेल कर्मी रामशंकर की बेटी के सवालों का हवाला देते हुए कहा कि संकट की इस घड़ी में पूरी अलीग बिरादरी के उसके साथ है। इस ज्ञापन की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री, गृह मंत्री, मध्य प्रदेश के गवर्नर और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को भी भेजी गई है।
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1-जेल के सीसीटीवी कैमरे काम क्यों नहीं कर रहे थे  ?
2-जेल का सायरन क्यों नहीं बजा ?
3-जेल के पास की पुलिस पेट्रोलिंग टीम कहां थी ?
4-जेल और पुलिस अधिकारियों के बयानों में विरोधाभास क्यों है?
5-सभी आठ अभियुक्त एक साथ ही भागे तो अलग-अलग क्यों नहीं हुए ? जबकि वह आठ घंटे में कहीं भी जा सकते थे।
6-अभियुक्तों ने हाई सिक्योरिटी वाली जेल में जेलकर्मी रामशंकर यादव की हत्या कैसे कर दी..?
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