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जेन-जी: एएमयू के छात्र अब जामिया के आंदोलन को दे रहे धार, 19 दिन भूख हड़ताल करने वाले यासिर फहद पहुंचे दिल्ली

Mon, 19 Oct 2026 11:23 AM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

एएमयू में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों का धरना प्रदर्शन 21 सितंबर से शुरू हुआ था। 19 दिन तक चली भूख हड़ताल के बाद चुनाव कराने का एलान किया था। इस सफलता के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों में चुनाव की उम्मीद जगी और उन्होंने एएमयू से सबक लेकर 12 अक्तूबर से आंदोलन शुरू कर दिया।
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जामिया मिल्लिया इस्लामिया के गेट नंबर 7 पर यासिर फहद - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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एएमयू में छात्रसंघ चुनाव की घोषणा के बाद अब छात्र आंदोलन की गूंज जामिया मिल्लिया इस्लामिया (नई दिल्ली) तक पहुंच गई है। एएमयू में जीत हासिल करने के बाद यहां के जेन-जी जामिया में छात्रसंघ चुनाव की पटकथा लिखने और वहां के छात्र आंदोलन को धार देने में जुट गए हैं। जामिया में छात्रसंघ बहाली की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को एएमयू के छात्रों का भरपूर समर्थन मिल रहा है।

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एएमयू में छात्रसंघ चुनाव की मांग को लेकर 19 दिन तक भूख हड़ताल करने वाले यासिर फहद भी छात्रों के समर्थन में जामिया पहुंचे और वहां विवि प्रशासन को आड़े हाथों लिया। फोन पर हुई बात में यासिर ने बताया कि जामिया में छात्रों को हिरासत लिया जाना विश्वविद्यालय प्रशासन की अक्षमता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वक्त बदलेगा, सरकार बदलेगी तो हालात बदलेंगे। वह आरएसएस पर भी खूब बरसे। बताया कि उनके साथ एएमयू के करीब 15 छात्र जामिया में डेरा डाले हुए हैं।

बता दें कि जामिया में अलीगढ़ सहित आसपास जिलों के सैकड़ों विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। एएमयू के छात्रनेता मोहम्मद सलमान गौरी ने बताया कि एएमयू में छात्रसंघ चुनाव की घोषणा से प्रेरित होकर जामिया के छात्र अपने लोकतांत्रिक अधिकार के लिए मांग कर रहे हैं। यह बात जामिया प्रशासन को पसंद नहीं आ रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन उनकी आवाज को लगातार दबाने जुटा हुआ है।

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एएमयू में एलान के बाद जामिया में शुरू हुआ इंकलाब
एएमयू में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों का धरना प्रदर्शन 21 सितंबर से शुरू हुआ था। 19 दिन तक चली भूख हड़ताल के बाद 9 अक्तूबर को एएमयू की कुलपति प्रो. नईमा खातून ने भूख हड़ताल खत्म कराकर चुनाव कराने का एलान किया था। इस सफलता के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों में चुनाव की उम्मीद जगी और उन्होंने एएमयू से सबक लेकर 12 अक्तूबर से आंदोलन शुरू कर दिया।

चाय-नमकपारे की पार्टी से वोटरों को साधने में जुटे प्रत्याशी
सर सैयद दिवस का आयोजन खत्म होते ही एएमयू परिसर में छात्रसंघ चुनाव की सरगर्मी बढ़ने लगी है। संभावित प्रत्याशियों ने विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर समर्थन जुटाने की कवायद तेज कर दी है। चाय-नमकपारे की दावत देकर छात्रों से मेलजोल बढ़ाया जा रहा है। इससे पहले लिट्टी-चोखे की पार्टी हो चुकी है। छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया 26 अक्तूबर से शुरू होनी है। ऐसे में संभावित प्रत्याशी अपनी रणनीति बनाने के साथ ही छात्रावासों और हॉल की कैंटीन में विद्यार्थियों के बीच सक्रिय हो गए हैं। 17 अक्तूबर को सर सैयद दिवस के आयोजन के चलते चुनावी गतिविधियां कुछ धीमी पड़ी थीं, लेकिन अब फिर से प्रत्याशी सक्रियता दिखाने लगे हैं।
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