एएमयू में एलान के बाद जामिया में शुरू हुआ इंकलाब
एएमयू में छात्र संघ चुनाव की मांग को लेकर छात्रों का धरना प्रदर्शन 21 सितंबर से शुरू हुआ था। 19 दिन तक चली भूख हड़ताल के बाद 9 अक्तूबर को एएमयू की कुलपति प्रो. नईमा खातून ने भूख हड़ताल खत्म कराकर चुनाव कराने का एलान किया था। इस सफलता के बाद जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों में चुनाव की उम्मीद जगी और उन्होंने एएमयू से सबक लेकर 12 अक्तूबर से आंदोलन शुरू कर दिया।
चाय-नमकपारे की पार्टी से वोटरों को साधने में जुटे प्रत्याशी
सर सैयद दिवस का आयोजन खत्म होते ही एएमयू परिसर में छात्रसंघ चुनाव की सरगर्मी बढ़ने लगी है। संभावित प्रत्याशियों ने विद्यार्थियों के बीच पहुंचकर समर्थन जुटाने की कवायद तेज कर दी है। चाय-नमकपारे की दावत देकर छात्रों से मेलजोल बढ़ाया जा रहा है। इससे पहले लिट्टी-चोखे की पार्टी हो चुकी है। छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया 26 अक्तूबर से शुरू होनी है। ऐसे में संभावित प्रत्याशी अपनी रणनीति बनाने के साथ ही छात्रावासों और हॉल की कैंटीन में विद्यार्थियों के बीच सक्रिय हो गए हैं। 17 अक्तूबर को सर सैयद दिवस के आयोजन के चलते चुनावी गतिविधियां कुछ धीमी पड़ी थीं, लेकिन अब फिर से प्रत्याशी सक्रियता दिखाने लगे हैं।