अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में रविवार को छात्रों और पुलिस के बीच टकराव के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने शरद कालीन अवकाश घोषित कर दिया और आवासीय हॉलों को खाली करने का फरमान भी जारी कर दिया। इससे सबसे ज्यादा परेशानी विदेशी छात्रों को हो रही है।
वह इतनी जल्दी अपने देश भी नहीं जा सकते और अधिकांश का कोई स्थानीय अभिभावक भी नहीं है। इस कारण कुछ छात्र आसपास की मस्जिदों की जमात में पहुंचे हैं और वहीं पर शरण भी लिए हुए हैं।
एएमयू में इस समय 715 विदेशी छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, इनमें 170 एनआरआई भी हैं। 258 छात्राएं हैं। सबसे ज्यादा यमन के 151, थाईलैंड के 105 छात्र पढ़ते हैं। पाकिस्तान की भी एक छात्रा पढ़ रही है।
इसके अलावा यहां पर अफगानिस्तान, अमेरिका, बांग्लादेश, कनाडा, मिस्र, एकोडोनिया, ईरान, इंडोनेशिया, ईरान, जार्डन, लीबिया, मारीशस, नेपाल, न्यूजीलैंड, नाईजीरिया, फलस्तीन, सूडान, सोमालिया, सीरिया, थाईलैंड, तुर्कमेनिस्तान के छात्र-छात्राएं शामिल हैं। सभी हॉस्टलों को खाली करने के आदेश से अब ये सभी छात्र परेशान हैं।
‘सब कुछ इतनी तेजी से हुआ कि अपने लिए मकान तक तलाश नहीं कर सके। किसी तरह सर सैयद नगर की मस्जिद में दोस्तों के साथ शरण ली है। यहां पर जमात में भी शामिल हो रहे हैं’
- अली रजा खान, नेपाल
‘अचानक हास्टल खाली करने के लिए कहा गया। अभी तो मैं अपने स्थानीय अभिभावक (लोकल गार्जियन) के यहां पर ठहरा हुआ हूं, लेकिन बुधवार को लखनऊ चला जाऊंगा, वहां पर मामा रहते हैं’
- मो. हुजैफा, दुबई, यूएई