अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के पूर्व सहायक प्रॉक्टर और वास्तुकला विभाग के सहायक प्रो. फराज फारूक को तमंचा सटाकर हत्या की धमकी देने और फायरिंग करने का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर सिविल लाइंस थाने में चार अज्ञात हमलावरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
फराज फारूक के अनुसार, 8 अक्तूबर की सुबह करीब 3:30 बजे वह अपनी कार से प्रॉक्टर कार्यालय से घर जा रहे थे। पुरानी चुंगी से बेगम सुल्तान जहां हॉस्टल के पास फ्लाईओवर की ओर मुड़ते ही दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार लोगों ने उनका पीछा करना शुरू कर दिया। आरोप है कि एक बाइक सवार ने आगे और दूसरी ने पीछे से रास्ता रोककर उनकी कार घेर ली।
तहरीर के मुताबिक, चेहरा ढके दो हमलावर बाइक से उतरकर कार पर प्रहार करने लगे और शीशा नीचे करने को कहा। शीशा नीचे करते ही उन्होंने गाली-गलौज करते हुए एफआईआर दर्ज कराने को लेकर नाराजगी जताई और बेटे को अनाथ करने की धमकी दी। आरोप है कि इसी दौरान एक हमलावर ने तमंचा निकालकर उनकी गर्दन के पास सटा दिया और जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद हमलावरों ने आगे बढ़कर उनकी ओर फायरिंग की और मौके से फरार हो गए।
फराज फारूक ने अपनी शिकायत में आशंका जताई है कि एएमयू में कुछ आपराधिक तत्वों की घुसपैठ रोकने के लिए प्रॉक्टर कार्यालय की ओर से उठाए गए कदमों में शामिल रहने के कारण उन्हें निशाना बनाया गया। उन्होंने पुलिस से घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कराकर हमलावरों की पहचान करने तथा अपनी और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। सीओ सर्वम सिंह के मुताबिक सिविल लाइंस पुलिस ने 11 अक्तूबर को मामले में केस दर्ज किया है। मामले की जांच उपनिरीक्षक विक्रम सिंह को सौंपी गई है।