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AMU: एंटी रैगिंग प्लान प्रस्तुत न करने पर एएमयू डिफॉल्टर घोषित, यूजीसी ने नोटिस भेजकर 30 दिन में मांगा जवाब

Thu, 03 Jul 2025 12:05 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

एएमयू को यूजीसी ने नोटिस देकर 30 दिन मे ंजवाब मांगा है। यूजीसी ने नोटिस में कहा है कि एएमयू ने छात्रों और संस्थान की एंटी रैगिंग घोषणाएं अब तक जमा नहीं की हैं। यह रैगिंग विरोधी विनिमय-2009 के अंतर्गत आवश्यक है। 
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एएमयू - फोटो : संवाद
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विस्तार
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छात्रों द्वारा भरे गए रैगिंग विरोधी विवरण को पोर्टल पर अपलोड नहीं करने के कारण विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) को डिफॉल्टर घोषित कर दिया है। साथ ही नोटिस भेजकर 30 दिन के अंदर जवाब मांगा है। एएमयू प्रशासन का कहना है कि विवरण को यूजीसी के पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जा सका, इसके चलते यह स्थिति बनी है। अब सुधार किया जा रहा है।

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यूजीसी ने नोटिस में कहा है कि एएमयू ने छात्रों और संस्थान की एंटी रैगिंग घोषणाएं अब तक जमा नहीं की हैं। यह रैगिंग विरोधी विनिमय-2009 के अंतर्गत आवश्यक है। यूजीसी ने रैगिंग विरोधी मानदंडों के अनुपालन का अनिवार्य आश्वासन प्रस्तुत नहीं करने पर ही कारण बताओ नोटिस जारी किया है। 30 दिन के अंदर जवाब नहीं देने पर यूजीसी फंडिंग, रिसर्च प्रोजेक्ट और संबद्धता तक रद्द की जा सकती है।

रैगिंग विरोधी कानून के मुताबिक हर छात्र को प्रवेश के समय और प्रत्येक शैक्षणिक सत्र की शुरुआत में एंटी रैगिंग अंडरटेकिंग जमा करनी होती है। संस्थान को यह भी सुनिश्चित करना होता है कि सभी छात्रों से यह घोषणाएं ली गई हैं और रिकॉर्ड में दर्ज हैं।

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छात्रों के एंटी रैगिंग संबंधी भरे गए विवरण को किसी कारणवश यूजीसी पोर्टल पर अपलोड नहीं किया जा सका। इसके चलते यह स्थिति बनी है। अब यह काम हो रहा है। अब ऐसी व्यवस्था की जा रही है कि प्रवेश लेते समय विद्यार्थी खुद ही अपना एंटी रैगिंग अंडरटेकिंग विश्वविद्यालय के पोर्टल पर अपलोड करे, यह विवरण यूजीसी को भेज दिया जाएगा। - प्रोफेसर वसीम अली, प्रॉक्टर, एएमयू

एएमयू में हुई कुछ घटनाएं
  • अक्तूबर 2022: एक छात्र से कथित तौर पर नारे लगवाने का मामला सामने आया था। इस मामले में पुलिस ने आरोपी छात्र को गिरफ्तार किया था।
  • अगस्त 2019 : भाजपा विधायक के नाती के साथ रैगिंग का मामला सामने आया था। इसमें आरोप था कि सीनियर्स ने नए छात्रों के साथ दुर्व्यवहार किया। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने एंटी-रैगिंग कमेटी को जांच सौंपी थी और पुलिस ने भी केस दर्ज किया था।
  • अगस्त 2013 : जेएन मेडिकल कॉलेज के 12 मेडिकल छात्रों पर एक जूनियर छात्र से रैगिंग करने का आरोप लगा था। इस मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज की थी।
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