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एएमयू बवाल : तालिब की जमानत पर सुनवाई आज

Fri, 22 Feb 2019 12:55 AM IST
राजेश सिंह न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़।
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एएमयू सर्किल और रजिस्ट्रार दफ्तर के बाहर 12 फरवरी को भाजपा विधायक पौत्र छात्रनेता अजय सिंह व भाजयुमो मीडिया प्रभारी डॉ. निशित शर्मा पर हमले के मामले में जेल भेजे गए एएमयू छात्र मो. तालिब की जमानत याचिका निचली अदालत से खारिज होने के बाद अब सत्र न्यायालय में याचिका दायर की गई, जिस पर सुनवाई के लिए शुक्रवार की तारीख नियत की गई है।
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मो. तालिब पुत्र तसब्बुर अली निवासी जमालपुर हमदर्द नगर, सिविल लाइंस की रविवार रात को गिरफ्तारी हुई थी। मो. तालिब बीए द्वितीय वर्ष का छात्र है। छात्र की गिरफ्तारी के बाद छात्रसंघ पदाधिकारियों सहित सैकड़ों छात्रों ने बन्नादेवी थाने का घेराव किया था। मो. तालिब को छोड़ने की मांग की थी। हालांकि एसएसपी द्वारा उसकी गिरफ्तारी के संबंध में साक्ष्य पेश करने पर समर्थन में आए छात्र और पदाधिकारी बैकफुट पर आए थे।




छात्र के अधिवक्ता की ओर से सीजेएम न्यायालय में जमानत अर्जी दायर की गई, जिसकी सुनवाई एसीजेएम-9 के न्यायालय में हुई, जहां अभियोजन पक्ष के विरोध के चलते याचिका को खारिज कर दिया गया। इसके बाद सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी दायर की गई, जिस पर गुरुवार को सुनवाई के बाद शुक्रवार 22 फरवरी की तारीख नियत कर दी गई है।
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अब कश्मीर तक खोजे जा रहे हिलाल के सुराग
 जम्मू कश्मीर के पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हमले करने वाले आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में ट्विटर पर ट्वीट करने वाला एएमयू का छात्र बासिम हिलाल नोएडा से फरार होकर कश्मीर पहुंचने के अंदेशे पर उसके सुराग कश्मीर तक तलाशे जा रहे हैं। हमले के तुरंत बाद आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में ट्विटर ‘हाउज द जोश, ग्रेट सर’ लिखने वाले एएमयू के गणित विभाग के छात्र बासिम हिलाल के खिलाफ पुलिस ने 13 फरवारी को मुकदमा दर्ज किया था। उसके बाद से ही छात्र की तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। इधर, ट्वीट के बाद से छात्र फरार है। एसएसपी आकाश कुलहरि के अनुसार मंगलवार को पुलिस को उसकी लोकेशन नोएडा में मिली थी। इसके बाद जनपद से एक पुलिस टीम को उसे पकड़ने के लिए रवाना किया गया। मगर, वह हाथ आने से पहले ही वहां से फरार हो गया। छात्र के अपने गृह प्रदेश जम्मू कश्मीर भागने की भी आशंका जाहिर की जा रही है। एसएसपी आकाश कुलहरि के अनुसार हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। कश्मीर तक उसके सुराग तलाश कराए जा रहे हैं। 


बवाल के लिए एएमयू एवं जिला प्रशासन जिम्मेदार
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय टीचर्स एसोसिएशन (अमुटा) ने 12 फरवरी को हुए बवाल के लिए एएमयू एवं जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया है। प्रॉक्टर की ओर इशारा करते हुए यहां तक कह दिया कि जो लोग छात्रों के बीच नहीं जा सकते, वह पद क्यों नहीं छोड़ देते। विजिटर (राष्ट्रपति) को पत्र लिखकर पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है ताकि गुनाहगारों के खिलाफ कार्रवाई एवं निर्दोष को सजा नहीं मिलें। 



एएमयू स्टाफ क्लब में अमुटा अध्यक्ष प्रो. हामिद अली, सचिव प्रो. नजमुल इस्लाम, संयुक्त सचिव मो. कलीमउल्लाह, कार्यकारिणी सदस्य डॉ. मुसाबिर अली एवं डॉ. दानिश महमूद ने पत्रकारों से कहा कि बिना जांच पड़ताल छात्रों पर राजद्रोह का मुकदमा हास्यस्पद है। छात्रों की तहरीर पर आज तक दर्ज नहीं किया गया। अमुटा नेताओं ने कहा कि जब सर्किल पर पुलिस-फोर्स तैनात थी तो बाहरी लोग कैसे गेट तक आ गए। सबको मालूम था कि माहौल गरम है। अमुटा नेताओं ने कहा कि 12 फरवरी की घटना सोची समझी साजिश का हिस्सा है। लोकसभा चुनाव को देखते हुए इसे अंजाम दिया गया है ताकि उसका फायदा उठाया जा सकें।



एएमयू के शिक्षक प्रो. मोहम्मद सज्जाद की तरफ इशारा करते हुए सचिव प्रो. इस्लाम ने कहा कि अमुटा पर मीडिया कमेटी के जो लोग सवाल उठा रहे है, वह अपने गिरेबान में झांक कर देखें। हालात को संभालने के लिए उन्होंने क्या किया। उन्होंने कहा कि इमरान खान एवं अजय सिंह सभी हमारे छात्र है। किसी के साथ नाइंसाफी नहीं होना चाहिए। कानून की नजर में सभी बराबर है। दोषी लोगों को कठोर सजा दिलाई जाए और निर्दोष लोगों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं हो।  
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