भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य एवं एटा सांसद राजवीर सिंह राजू भैया के बयान पर एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष शहजाद आलम बरनी से पलटवार किया है। वहीं कैंपस के दूसरे छात्रों में भी आक्रोश है।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को स्मृति ईरानी के जाने के बाद सांसद राजवीर सिंह राजू भैया एवं सांसद सतीश गौतम ने एएमयू में दलित, अनुसूचित जाति एवं पिछड़े वर्ग को आरक्षण नहीं मिलने पर सवाल उठाया था और कहा था कि अल्पसंख्यक स्वरूप को लेकर केंद्र के रुख पर वे लोग आक्रोश व्यक्त कर रहे, जिन्हें लग रहा है कि अब उनकी मोनोपोली नहीं चलेगी।
राजू भैया अपने पिता के पद चिन्हों पर चल रहे है, जिन्होंने हमेशा हिंदू - मुसलमानों को लड़ाने की राजनीति की है। चाहे स्मृति ईरानी हो या राजू भैया, उनके कदम से कोर्ट के फैसले पर असर पड़ने वाला नहीं है, क्योंकि न्यायालय कानून के हिसाब से चलता है। पूरी उम्मीद है कि एएमयू को अल्पसंख्यक दर्जा वापस मिलेगा।- शहजाद आलम बरनी, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष एएमयू
मामला अभी सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है। इसलिए इस विषय पर किसी का कुछ बोलना उचित नहीं है। हमें पूरा विश्वास है कि एएमयू एवं जामिया मिल्लिया को अल्पसंख्यक स्वरूप का दर्जा अवश्य मिलेगा। न्याय व्यवस्था पर पूरी आस्था है।- अब्दुल हफीज गांधी, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष एएमयू।