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एएमयू: दिव्यांग युुवकों को प्रवेश में अब 5 प्रतिशत आरक्षण

Fri, 05 Jan 2018 01:48 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ब्यूरो
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AMU
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में अब दिव्यांग छात्रों को प्रवेश में 3 के बदले 5 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इसके साथ ही उनको नौकरी में 3 के बदले 4 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा।  
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दिव्यांग युवाओं के लिए गुरुवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ। एएमयू की एकेडमिक काउंसिल (एसी) ने विकलांगता अधिनियम 2016 को स्वीकार कर लिया है। एसी के इस फैसले से हर साल करीब 800 से लेकर एक हजार तक दिव्यांग युवाओं को लाभ मिलने की उम्मीद है।

एएमयू में पहले विकलांगता अधिनियम 1995 के तहत आरक्षण व सुविधा प्रदान किया जा रहा था। उसमें प्रवेश एवं नौकरी में 3-3 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान था। बिना लंच ब्रेक करीब 4.45 घंटे चली एसी की बैठक में अन्य महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। दिव्यांग युवाओं को अधिनियम का शत-प्रतिशत लाभ मिले, इसके लिए कुलपति ने एक कमेटी गठित करने की भी घोषणा की। करीब 50 विभागों के सेलेक्शन कमेटी के पैनल को मंजूरी दी गई है। 
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छात्रों की समस्याओं को वीसी ने दी तवज्जो
 एएमयू के प्रशासनिक ब्लाक में आयोजित एकेडमिक काउंसिल की बैठक बिना ब्रेक करीब 4.45 घंटे तक चली। वर्षों बाद एसी सदस्यों को अपनी पूरी बात रखने एवं दूसरे को सुनने का अवसर प्राप्त हुआ। खास बात यह रही कि कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने छात्र संघ अध्यक्ष मशकूर अहमद उस्मानी द्वारा एनी अदर आइटम के अंतर्गत उठाए गए मुद्दों को पूरा तवज्जो दिया और तमाम जायज मांगों को नियमों के अंतर्गत लागू करने का आश्वासन दिया। छात्र संघ अध्यक्ष ने दो साल का एकेडमिक कैलेंडर बनाने, बाबा के जमाने के पाठ्यक्रम को अपडेट करने, मदरसों से आए बच्चों को आयु में छूट, सेंटर फॉर प्रमोशन एंड एडवांसमेंट ऑफ मुस्लिम्स को सक्रिय करने, शिक्षकों को फीडबैक बच्चों से लेने, बीएससी इन वाइल्ड लाइफ, बीएससी इन एग्रीकल्चर, बीएससी एंड एमएससी इन बायोइन्फरमेटिक्स, बीबीए, बीफार्मा, बीएससी बायोटेक, तीन साल का एलएलबी कोर्स, बीजेएमसी कोर्स शुरू करने की मांग की। एएमयू कुलपति ने करीब एक घंटा समय छात्र संघ अध्यक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर चर्चा के लिए दिया। प्रो. हाफिज इलियास ने कुलपति की बिना ब्रेक करीब पौने पांच घंटे तक समय देने के लिए सराहना की और कहा कि बहुत दिनों बाद सदस्यों को अपनी बात कहने एवं दूसरे की बातों को सुनने का मौका मिला। एएमयू के लिए यह अच्छा बदलाव है। उन्होंने कहा कि कुलपति शिक्षक हैं और लोकतंत्र में उनकी पूरी आस्था है। इसलिए सबके विचारों का कद्र करते हैं।

एएमयू के विधि छात्रों के साथ इंसाफ करें
 एएमयू के वरिष्ठ शिक्षक नेता प्रो. हाफिज इलियास खान ने एकेडमिक काउंसिल में विधि छात्रों की जमकर वकालत की और उनके साथ हो रहे नाइंसाफी पर रोक लगाने की मांग की। प्रो. हाफिज इलियास ने सदन में मुद्दा उठाया कि एएमयू के विधि के छात्रों को पहले वर्ष 100 प्रतिशत पेपर क्लियर करना होता है। एक पेपर रह जाने पर छात्रों को एक साल इंतजार करना पड़ता है। यानी छात्र का एक साल बर्बाद हो जाता है। जबकि देश के अन्य विश्वविद्यालयों में ऐसा प्रावधान नहीं है। बैकलाग पर भी छात्र को प्रमोट कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि समझ में नहीं आता है कि एएमयू में छात्रों के साथ ऐसी नाइंसाफ क्यों हो रही है। 
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