अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के जेएन मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन के वार्डों, लैब, ब्लड बैंक, एक्सरे कक्ष में भरा पानी दूसरे दिन भी नहीं निकाला जा सका। करीब 18 करोड़ रुपये की जांच मशीनें पानी में हैं। मंगलवार शाम तक जल निकासी की संभावना है। वहीं, लेक्चर थिएटर में पानी भरने से एमबीबीएस के विद्यार्थियों की छुट्टी कर दी गई है।
दो दिन तक मूसलाधार बारिश होने से रविवार को मेडिकल कॉलेज की दीवार टूट गई। इससे धौर्रा, इकरा कॉलोनी, जमालपुर से तेज बहाव के साथ पानी मेडिकल कॉलेज परिसर सहित वार्ड नंबर 1, 2, 4 व 7 में घुस गया। 24 घंटे से भूमिगत तीन पंपिंग सेट से जल निकासी की जा रही है। लेकिन अभी तक पूरा पानी नहीं निकल पाया है। लेक्चर थिएटर में भी पानी भरा है।
डेंटल कॉलेज के बाहर भी पानी भरा है। मंगलवार को एमबीबीएस के 600 विद्यार्थियों की छुट्टी कर दी गई है। मेडिकल कॉलेज के कॉरिडोर और हादी हसन हॉस्टल में पानी भरा है। एएमयू प्रशासन की मांग पर नगर निगम ने चार हजार और एक हजार लीटर के टैंकर भेजे हैं, उनसे भी पानी निकाला जा रहा है, जो नाकाफी साबित हो रहे। रविवार को वार्डों में भर्ती करीब 100 मरीजों को ऊपरी मंजिल में स्थानांतरित कर दिया गया था।
कंपनी का मशीन चालू करने का इन्कार
जेएन मेडिकल कॉलेज के पुराने भवन में पानी भरा है। वार्डों के साथ जांच मशीनें भी पानी के जद में आ गई हैं। पानी में डायग्नोसिस मशीन, सीटी मशीन, एक्सरे मशीन, एमआरआई मशीन, ब्लड बैंक की मशीन, लैब की मशीन हैं। कंपनी ने मशीनों को चालू करने से इन्कार कर दिया है। कंपनी अपने प्रतिनिधि भेजेगी और मशीनों की जांच करेगी। इन मशीनों की कीमत करीब 18 रुपये बताई जा रही है।
200 फुट लंबी बनेगी दीवार
जेएन मेडिकल कॉलेज की 150 फुट दीवार जो पानी के तेज बहाव से ढह गई थी। इससे दीवार का कुछ हिस्सा कमजोर हो गया है। अब 200 फुट लंबी नई दीवार बनेगी। मेडिकल सुप्रिटेंडेंट प्रो. हारिस एम खान ने बताया कि दीवार गिरने से ही आसपास के इलाके का पानी वार्डों में भरा है। एहतियातन मिट्टी भरी 400 बोरी दीवार की जगह रखवाई जाएगी, जब पानी का स्तर नीचे हो जाएगा, तब दीवार का बनना शुरू होगा। दीवार की ऊंचाई करीब 7 फुट होगी।
- अपनी बीमार मां चमेली की जांच रिपोर्ट दिखाने आया था, लेकिन पानी भरने से सभी जांच केंद्र बंद हैं। - दिनेश, सुनपहर, छर्रा
- बीमार भाई मनीष को दिखाने आया था। मेडिकल कॉलेज में पानी भरा है। डॉक्टर से संपर्क नहीं हुआ है। - दिनेश, पुरैहनी हाथरस