मीट फैक्टरी में पहुंचे अधिकारी
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अलीगढ़ शहर में अमोनिया गैस रिसाव की यह पहली घटना नहीं है, इससे पहले भी ऐसी घटनाएं होती रहीं हैं। लगभग दो वर्ष पहले 22 सितंबर 2022 को मथुरा बाईपास रोड स्थित अलदुआ मीट फैक्टरी की पैकेजिंग यूनिट में अमोनिया गैस का रिसाव हुआ था। इसमें 59 श्रमिकों की जान पर बन आई थी। बमुश्किल उनकी जान बचाई जा सकी।
इस घटना के बाद अलदुआ मीट फैक्टरी के प्रबंधन ने छह अधिकारियों और मुलाजिमों पर कार्रवाई की थी। उन्हें निलंबित कर दिया गया था। अधिकांश मीट फैक्टरियों में अमोनिया संयंत्र चिलिंग प्लांट में लगाया जाता है। जहां पर मीट को प्रोसेस करने के बाद पैक किया जाता है। इस चिलिंग प्लांट को ठंडा रखने के लिए ही अमोनिया गैस का संयंत्र लगाया जाता है।
अक्सर सही देखरेख नहीं होने से इस संयंत्र में गैस का रिसाव होता है। जिससे लोगों का दम घुटने लगता है। लोग बेहोश हो जाते हैं। आंखों में जलन होती है। कई बार सही समय पर उपचार नहीं मिलने से मौत तक हो जाती है। अधिकांश मीट फैक्टरियों में पैकिंग यूनिटों में महिलाएं काम करती हैं। इनको 7 से 9 हजार रुपये महीने मिलते हैं। महिलाएं अपने साथ बच्चों को भी ले जाती हैं। फैक्टरी प्रबंधन की लापरवाही से इन महिलाओं की जान पर बन आती है।
दूध प्लांट में हुआ था गैस का रिसाव
सिकंदराराऊ में अलीगढ़-जीटी रोड पर जायडस कैडिला मिल्क कलेक्शन के चिलर प्लांट पर 11 मई 2022 की सुबह करीब 10 बजे अमोनिया गैस लीक हो गई थी। इससे वहां अफरा-तफरी मच गई। छोटे से बड़े सिलिंडर में रिफिल करते समय गैस रिसाव हुआ था। कर्मियों ने तत्काल गैस के रिसाव पर काबू पा लिया। इस प्लांट के पास ही एक स्कूल है, जिसमें उस वक्त बच्चे मौजूद थे। गैस की बदबू आते ही बच्चों को कक्षाओं से निकालकर सुरक्षित दूसरी जगह पहुंचाया गया था।