मंडलायुक्त अजयदीप सिंह ने कहा कि, सर्वश्रेष्ठ अंकों से पास होने वाले मेधावियों को बधाई देते हैं और उनकी सराहना भी करते हैं। कहा, मुझे यकीन है कि मेधावी इस सभागार से एक नई प्रेरणा और ऊर्जा लेकर निकलेंगे। यही उनके जीवन में सफलता के मार्ग प्रशस्त करेगी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि ए यानि एम्बीशंस (महत्वकांक्षा) यह हर व्यक्ति में होनी चाहिए, लेकिन अति महत्वकांक्षा नहीं होनी चाहिए। ए यानि एटीट्यूड (रवैया) सकारात्मक होना चाहिए।
किसी में कमी में ढूंढने में अपनी ऊर्जा को न गंवाए। ए यानि अवेयरनेस (जागरूकता) बहुत जरूरी है। क्या कुछ नया हो रहा है, इसकी जानकारी रखें। बी यानि बॉडी (शरीर) को फिट रखें। शरीर को बीमारी से मुक्त रखें। बी यानि ब्रेथ (सांस) को मजबूत बनाएं। स्टेमिना बढ़ाएं। बी यानि बिहेवियर (व्यवहार) व्यवहार को अच्छा रखें। अहंकारी व्यवहार से बचें। बी यानि ब्रेन (दिमाग) को चैतन्य रखें, ताकि नए-नए विचारों का सृजन हो सके। सी यानि क्लियरटी (स्पष्टता) अपने लक्ष्य को निर्धारित करें। सी यानि कांफिडेंस (आत्म विश्वास) हो, लेकिन अति आत्म विश्वास न हो। अपने पर विश्वास बनाएं। सी यानि कमिटमेंट (वचनबद्धता) बहुत जरूरी है, जो ठान लिया हो, उसे करना चाहिए। मगर सब सकारात्मक होना चाहिए। सी यानि कंसिसटेंसी (निरंतरता) बनी रहनी चाहिए।
जिंदगी की रेस बिना जूते के जीते हैं : अरुणा
थाना बन्नादेवी की थानाध्यक्ष अरुणा राय ने कहा कि, उन्होंने अपनी जिंदगी की रेस महंगे और नामी कंपनियों के जूते के बगैर जीते हैं। विद्यार्थियों से कहा कि वह मेहनत करें और लक्ष्य बनाकर उसे पाने की कोशिश में जुट जाएं।
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