अतरौली नगर में संचालित पं. दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र की छात्राओं ने सेंटर इंचार्ज पर धर्म परिवर्तन करने का दबाव बनाने आरोप लगाते हुए सोमवार को एसपी (देहात) से शिकायत की।
छात्राओं के साथ आए अखंड भारत हिंदू सेना के पदाधिकारियों ने कार्रवाई की मांग की। एसपी (देहात) ने छात्राओं को उचित कार्रवाई का भरोसा दिया है। दूसरी ओर सेंटर इंचार्ज ने इन आरोपों को बेबुनियाद बताया।
केंद्र सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को स्वावलंबी बनाने के लिए पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र संचालित कराए जा रहे हैं। अतरौली में इसका जिम्मा आगरा की एक कंपनी को मिला है। यह प्रशिक्षण केंद्र अतरौली के गोधा मार्ग स्थित प्रेमलक्ष्मी कन्या महाविद्यालय में संचालित है।
तीन माह का कोर्स पूरा कराने के लिए रात के समय छात्राओं को वार्डन की देखरेख में यहीं पर रखा जाता है। उन्हें खाना आदि भी यहां मिलता है। सोमवार को अतरौली की लतेश पुत्री दाताराम के साथ दर्जन भर छात्राओं ने एसपी देहात से शिकायत की कि सेंटर इंचार्ज ने उन्हें प्रवेश के नाम पर 15 दिन तक सेंटर पर रखा। फिर कहा कि अनुसूचित जाति या ईसाई धर्म धारण कर लो तो ही आपको प्रशिक्षण केंद्र में पढ़ने की अनुमति मिलेगी।
सेंटर इंचार्ज ने कहा कि ज्यादा कुछ नहीं करना पड़ता बस गले में एक लॉकेट पहनना है और कोई पूछे तो कह देना ईसाई हैं। उन्होंने सेंटर छोड़कर जाने की कोशिश की तो सेंटर इंचार्ज ने उन्हें धमकाया। उसने कहा कि यदि सेंटर छोड़कर जाओगी तो पैंतीस हजार रुपये देने होंगे। सेंटर पर खाने पीने की गुणवत्ता भी काफी खराब है।
छात्राओं के साथ एसपी से मिले अखंड भारत हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष दीपक शर्मा आजाद, प्रदेश अध्यक्ष कपिल चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेंद्र बजरंगी आदि ने सेंटर इंचार्ज पर कार्रवाई की मांग की। एसपी देहात डाॅ. यशवीर सिंह का कहना है िक धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने संबंधी शिकायत छात्राओं ने की है। खाने पीने व अन्य तरह की टीका टिप्पणी को लेकर भी आरोप लगाए हैं। इस संबंध में सीओ अतरौली को तीन दिन में जांच कर आख्या देने के आदेश दिए गए हैं।
छात्राएं प्रवेश के लिए आईं थीं। उनसे बस इतना कहा था कि हमारे यहां अल्पसंख्यक और एससी छात्राओं के लिए ही सीटें बची हैं। सामान्य और ओबीसी का कोटा पूरा हो चुका है। छात्राओं को एक शिक्षक बरगलाकर शिकायत कराने ले गया है, क्योंकि गलती पकड़े जाने पर कंपनी ने शिक्षक को निकाल दिया था। धर्म परिवर्तन के आरोप बेबुनियाद हैं।
- देवेंद्र सिंह, सेंटर इंचार्ज