अब प्रदेश में कार्यरत सभी स्तर के शिक्षकों के प्रमाणपत्रों का सत्यापन किया जाएगा। इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत राज्य विश्वविद्यालयों, राजकीय महाविद्यालयों एवं अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों के शैक्षणिक अभिलेखों एवं उनके भौतिक सत्यापन के लिए जनपद स्तर पर समिति गठित कर दी गई है।
मंडलायुक्त जीएस प्रियदर्शी ने बताया कि प्रदेश के अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा के निर्देशानुसार आमजन से अपील की गई है कि किसी अध्यापक के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों के बारे में शिकायत है तो जिलाधिकारी को अवगत कराएं। जिससे मामलों में पारदर्शी जांच हो सके। कोई फर्जी शिक्षक है तो उसके खिलाफ कार्रवाई हो सके। उन्होंने बताया कि जांच पूर्ण कर 31 जुलाई तक शासन को रिपोर्ट भेजी जाएगी। गौर हो कि बेसिक शिक्षा विभाग और माध्यमिक शिक्षा विभाग में कई शिक्षकों के फर्जीवाड़े के बाद शासन ने आमजन को शिकायत का मौका दिया है।