अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के समर्थन में उतर आयी है। इसको लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे महासभा के पदाधिकारियों ने राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन एसीएम प्रथम केबी सिंह को सौंपा।
जिलाध्यक्ष डॉ. शैलेंद्र पाल सिंह ने मांग रखी कि किसी भी राजनेता के विरुद्ध भ्रष्टाचार के मामलों की जांच सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड न्यायाधीश की अध्यक्षता में होनी चाहिए। जिससे दूध और पानी का अंतर हो सके। महानगर अध्यक्ष नेम सिंह सोलंकी ने कहा कि मनीष सिसोदिया के शिक्षा मंत्री रहते हुए दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में विशेष कार्य किया गया है। इतना कार्य किसी भी राज्य के शिक्षा मंत्री ने नहीं किया है।
जिलाध्यक्ष वीरांगना ममता राघव ने कहा कि जांच तो अनेक घोटालों की होती है किंतु जांच का परिणाम कभी जनता के सामने नहीं आता। युवा प्रदेश अध्यक्ष जैकी ठाकुर ने कहा कि यदि भ्रष्टाचार की जांच कराई जा रही है तो एक निश्चित समय अंतराल में दोषियों को विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
जिससे लोग भ्रष्टाचार करने से डरें। मंडल अध्यक्ष तरुण चौहान ने कहा कि जो पार्टी सत्ता में होती है वह अन्य पार्टियों के नेताओं को डराने के लिए इस तरह की जांच कराती है, जिससे कि दूसरी पार्टियों के नेता उनकी पार्टी में शामिल हो सकें।
यहां अंकित चौहान, राजेंद्र सिंह यदुवंशी, अनिल चौहान, कविता राघव, सीमा जादौन, दुर्गेश सोलंकी, प्रमेंद्र राणा, राकेश ठाकुर, राहुल सेंगर, मनोज जादौन, विवेक प्रताप सिंह,गोविंद सिंह, राकेश सेंगर, अजीतपाल सिंह राघव, सोनू ठाकुर, सौरभ तोमर, संदीप चौहान, राजकुमार चौहान, अमित जादौन आदि मौजूद रहे। संवाद