लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि जातियों की अलग-अलग बात करने से से कटुता बढ़ेगी। पूर्व में जब जातियां बनी थीं तो तय हुआ था कि सभी आगे बढ़ेंगे। सभी ने मिलकर समाज का निर्माण किया। उन्होंने वैश्य समुदाय से कहा कि वह चिंता न करें। उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। वैश्य संपूर्ण समाज के प्रति जिम्मेदार बनें और देश के विकास में भागीदार बनें। वे रविवार को कैलाश फार्म में अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के राष्ट्रीय अधिवेशन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे।
लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि आज देश के किसी भी हिस्से में चले जाएं तो हमारे पूर्वजों के विचार नजर आते हैं। उस समय जब सरकार शिक्षा के मंदिर नहीं खोल पाती थीं तो वैश्य समाज ने स्कूल खोले, धर्मशालाएं बनवाईं। अब भी निरंतर यही काम चल रहा है। कोरोना काल में देश परेशान था। डर था कि अगर यह बीमारी गांव तक पहुंची तो बहुत बड़ी समस्या पैदा हो सकती है। विदेशों में मौतों का सिलसिला हम सभी को डरा रहा था। ऐसे नाजुक वक्त में वैश्य समाज ने बढ़-चढ़ कर सभी की मदद की।
उन्होंने सामाजिक एकता के माध्यम से देश के विकास पर जोर दिया है, कहा कि आजादी के बाद अब नए भारत के निर्माण में वैश्य समाज का अहम योगदान है। पहले जब राजा युद्ध लड़ते थे तो धन की कमी होने पर भामाशाह जैसे लोग उनकी मदद करते थे। अब वही भामाशाह नए भारत के निर्माण में सहयोग कर रहे हैं। हमको हर कोशिश करनी है कि कैसे देश को आगे ले जाया जाए।
उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कठिन दौर था, लेकिन वैश्य समाज ने हमेशा सेवा व समर्पण से काम किया। ये समर्पण का भाव हमें हमारे पूर्वजों से मिला है। अब भी हमारे यही संस्कार है। इसलिए हमारा सब कुछ समाज के लिए है। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि वैश्य समाज ने कोरोना काल में राह चलते लोगों को पानी पिलाया, खाना खिलाया। उनको ठहराया। पूरी दुनिया को दिखाया कि हम किसी भी बड़ी आपदा से एकजुटता से लड़ते हैं। जब इस कठिन काल में विकसित देशों में बड़ी समस्याएं पैदा हुई तो हमने विकासशील होते हुए बाकी दुनिया को दिखाया कि नया भारत कैसा है।
उन्होंने कहा कि कभी भी वैश्य समुदाय ने देश को तोड़ने का काम नहीं किया है। वह हमेशा वैश्य समाज के साथ खड़े हैं। इस समाज का हर व्यक्ति कोशिश करता है कि वह पूरे समाज को आगे ले जाए। जातियों की अलग-अलग बात करने से से कटुता बढ़ेगी। पूर्व में जब जाति धर्म तय हुए थे तो तय हुआ था कि सभी आगे बढ़ेंगे। सभी ने मिलकर समाज का निर्माण किया। संसद में पूरे देश के लोगों को देखते हैं। वही विविधता देश की एकता को प्रदर्शित करती है। विविधता तोड़ती नहीं, जोड़ती है। जातियों की कटुता नहीं बढ़ाएंगे, जिस तरह पूर्वजों ने संपूर्ण समाज की सेवा का काम किया। अब भी वही करना है। अभी हाल ही में कमलेश देवी नाम की सम्मानित महिला ने अपनी 12 करोड़ रुपये की संपत्ति समाज को दान दे दी। आज हर जाति को नए भारत के निर्माण पर जोर देना है। हमारे अच्छे संस्कार होने चाहिए, तभी नए भारत का निर्माण होगा। दुकानें, उद्योगों से रोजगार मिलते हैं। इसलिए हमें समाज में वंचित लोगों को आगे बढ़ाना होगा। वैश्य समाज कोई चिंता न करे, उन्हें जो जिम्मेदारी मिली है, वह उस पर खरा उतरेंगे।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद
अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद के नवनिर्वाचित अध्यक्ष सुमंत गुप्ता, प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री सुरेश राणा, कौशल विकास मंत्री कपिल देव अग्रवाल, नगर विकास मंत्री महेश गुप्ता, राज्य मंत्री संदीप सिंह, राज्यसभा सांसद अनिल अग्रवाल, एटा सांसद राजवीर सिंह राजू, सांसद सतीश गौतम, सांसद बुलंदशहर भोला सिंह, शहर विधायक संजीव राजा, कोल विधायक अनिल पाराशर, इगलास विधायक राजकुमार सहयोगी, छर्रा विधायक रवेंद्र पाल सिंह, भाजपा जिलाध्यक्ष ऋषिपाल सिंह, महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत, मानव महाजन, पंकज धीरज, पवन खंडेलवाल, गौरव हरकुट, ओजोन सिटी के सीएमडी प्रवीण मंगला, पावना ग्रुप के एमडी स्वप्निल जैन, कृष्णा इंटरनेशनल स्कूल के डायरेक्टर प्रवीण अग्रवाल सहित कई जनप्रतिनिधि और आयोजक मंडल के सदस्य मौजूद रहे।
देरी से पहुंचने पर मंच से मांगी माफी
अलीगढ़-आगरा हाईवे स्थित कैलाश फार्म में वह तयशुदा समय से तीन घंटे की देरी से पहुंचे, जिसके लिए उन्होंने उपस्थित जनसमूह से करबद्ध क्षमा मांगी। इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट नई दिल्ली के टर्मिनल-4 से उड़ान भरने से पहले उनके विमान का बांया इंजन खराब हो गया था। जिसके बाद वह यमुना एक्सप्रेस वे होते हुए अलीगढ़ पहुंचे। उनको यहां दोपहर डेढ़ बजे आना था, लेकिन वह साढ़े चार बजे अलीगढ़ पहुंचे।