अलीगढ़। विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों से टिकट का दावा कर रहे कांग्रेस नेताओं ने टिकट मिलने से पहले ही पार्टी में अपने विरोधी नेताओं की आलाकमान के समक्ष बुराई करनी शुरू कर दी है। आलाकमान ने इससे निपटने के लिए उनके बताए गए तथ्यों को क्रॉस चेक करने के लिए स्थानीय स्तर पर अपनी टीम सक्रिय कर दी है।
कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी ने विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए सप्ताह में 5 दिन लखनऊ में गुजारने का निर्णय लिया है। इसी क्रम में उन्होंने लखनऊ में डेरा डाल रखा है।
पिछले दिनों टिकट के कुछ दावेदार नेता लखनऊ पहुंचे और उन्होंने 1 विधानसभा क्षेत्र के लिए अपनी दावेदारी प्रस्तुत की अपनी दावेदारी प्रस्तुत करते समय वह कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता की बुराई करने की मुद्रा में आ गए और उनको निष्क्रिय व हवा हवाई नेता घोषित कर दिया।
जबकि इन वरिष्ठ कांग्रेसी नेता को प्रियंका गांधी व्यक्तिगत तौर पर बहुत अच्छी तरह जानती हैं। बताया गया है कि प्रियंका गांधी टिकट के दावेदार नेता की बात को सुनती रहीं। जब वह दावेदार नेता चले गए तो उन्होंने प्रदेश पदाधिकारी नेता से दावेदार नेता के बताए गए तथ्यों की पुष्टि करने के लिए पूरी बात रखी प्रदेश पदाधिकारी नेता ने दावेदार नेता के सभी दावों को झुठला दिया और दावेदार नेता की भूमिका को ही कटघरे में खड़ा कर दिया। इस तरह के कई प्रकरण अलीगढ़ से लखनऊ पहुंचे हैं।
वाराणसी की रैली के लिए टिकट के दावेदार रहे तैयारी
अलीगढ़। 9 अक्टूबर को वाराणसी में होने वाली कांग्रेस की महासचिव प्रियंका गांधी की रैली के लिए स्थानीय स्तर पर भी कांग्रेसी नेता तैयारी कर रहे हैं। खास तौर से वह कांग्रेसी नेता जो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों से टिकटों के लिए दावेदारी कर रहे हैं, वह वाराणसी अपने समर्थकों के साथ पहुंचकर शक्ति प्रदर्शन भी करना चाहते हैं। इस बीच कांग्रेस में टिकट के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी चल रही है। यह 10 अक्टूबर तक चलेगी। आवेदन और शक्ति प्रदर्शन इन सभी को लेकर पार्टी में अंदर खाने हलचल मची हुई है।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ठाकुर संतोष कुमार सिंह जादौन एडवोकेट कहते हैं कि वाराणसी में होने वाली रैली में कांग्रेस के सभी फ्रंटल संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता, ब्लॉक अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष आदि सभी भाग लेंगे। इस रैली के लिए कांग्रेसियों विशेष उत्साह है।