दीपक शर्मा
अलीगढ़। गणेश चतुर्थी पर्व को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार की गणेश मूर्ति को सार्वजनिक स्थान पर स्थान पर स्थापित न किए जाने की अपील का असर मध्यम आकार की गणेश प्रतिमाएं बनाने वाले कारीगरों पर सीधे तौर पर पड़ रहा है।
ऐसे कारीगरों का कहना है कि इस पर्व का वह पूरे वर्ष इंतजार करते हैं। पिछले दो बार से महामारी ने उनका काम बिल्कुल बंद था कर दिया था। इस बार थोड़ी उम्मीद थी लेकिन अब लगता है कि यह सीजन दी ऐसे ही चला जाएगा।
अलीगढ़ में पिछले 10 वर्षों में गणेश चतुर्थी पर्व के दौरान अलग-अलग मोहल्ले, कॉलोनी और क्षेत्रों में सामूहिक रूप से गणेश प्रतिमा स्थापित कर उत्सव मनाने की परंपरा विकसित हो चली है।
छोटी मूर्तियों पर है खास जोर
अलीगढ़। मूर्ति बनाने वाले मूर्तिकार महेंद्र पाल कहते हैं कि घर घर गणपति स्थापित किए जाते हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए वह बेहद आकार में छोटी प्रतिमा बनाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं। सामूहिक रूप से आयोजन न होने पर घर में व्यक्तिगत तौर पर गणपति स्थापित करने की मांग ज्यादा है। इसमें लाभ भी हो रहा है।
राजस्थान से आकर यहां शुरू किया काम
अलीगढ़। राजस्थान के राज संमंध से आए सोनू मूर्ति वाले कहते हैं कि 8 लाख रुपये खर्च करके उन्होंने इस बार काम शुरू किया था। बड़ी मूर्तियों की मांग बहुत कम है। इसलिए छोटी मूर्तियां बना कर वह लगाई गई लागत को निकालने का प्रयास कर रहे हैं।