अलीगढ़। सुप्रीम कोर्ट द्वारा उत्तर प्रदेश में डीजे बजाने पर लगी रोक को हटाने के फैसले के बाद शहर के डीजे और ऑर्केस्ट्रा संचालकों में खुशी की लहर है।
पिछले करीब डेढ़ वर्ष से यह लोग काम धंधा बंद होने के कारण जबरदस्त आर्थिक संकट झेल रहे थे। शहर के ऑर्केस्ट्रा डीजे संचालक संजीव गुप्ता कहते हैं कि शहर में एक अनुमान के मुताबिक छोटे बड़े सभी दो हजार के करीब डीजे संचालक हैं। जिन के घर परिवार के सदस्यों को शामिल किया जाए तो इन पर 6000 से अधिक व्यक्तियों के भरण पोषण की जिम्मेदारी है। इस पर लगी रोक हटने से इन सभी परिवारों को बहुत राहत मिलेगी।
डीजे सिर्फ डांसिंग फ्लोर ही नहीं है बल्कि किसी भी शादी समारोह की, सेलिब्रेशन की जान होता है। बिना डीजे के कार्यक्रम फीका फीका लगता है। अब यह डीजे फिर से शुरू होंगे तो अच्छा ही है
- रेनू शर्मा, सिंगर
कार्यक्रम में डीजे पर लगी रोक से केवल एक व्यक्ति प्रभावित नहीं होता। बल्कि इसके साथ सिंगर, ऑर्केस्ट्रा में इंस्ट्रूमेंट प्ले करने वाले, पूरा एक समूह प्रभावित होता है। उम्मीद है अब सब कुछ जल्दी ही सामान्य हो जाएगा
-सोना, सिंगर
पिछले डेढ़ साल से आर्केस्ट्रा और डीजे की कोई बुकिंग नहीं हो रही थी। इससे इस कारोबार से जुड़े लोगों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही थी। अदालत के फैसले का स्वागत है
- संजीत गुप्ता, ऑर्केस्ट्रा ऑर्गेनाइजर
हमारे पास अक्सर शादी कार्यक्रम के लिए ऑफर आते हैं। लेकिन हालात के चलते हम बुकिंग नहीं कर पा रहे थे। ऑडियंस की भी लाइव एंटरटेनमेंट की डिमांड रहती है
- नेहा, ऑर्केस्ट्रा एंकर
सोना सिंगर
- फोटो : Amar Ujala
सोना सिंगर
संजीव गुप्ता आर्केस्ट्रा ऑर्गेनाइजर
- फोटो : Amar Ujala
संजीव गुप्ता आर्केस्ट्रा ऑर्गेनाइजर
रेनू शर्मा सिंगर
- फोटो : Amar Ujala
रेनू शर्मा सिंगर