अलीगढ़। प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता ट्रेजेडी किंग दिलीप कुमार को अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय ने डी लिट की मानद उपाधि प्रदान की थी। हालांकि इसको लेने के लिए वह दीक्षांत समारोह में आ नहीं सके थे।
साथ ही दिलीप कुमार एएमयू कोर्ट के सदस्य भी रहे। दिलीप कुमार का बुधवार की सुबह निधन हो गया। कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने दिलीप कुमार के निधन पर अपनी शोक संवेदना व्यक्त की है।
उनके निधन से विश्वविद्यालय मैं और सिनेमा प्रेमियों में शोक की लहर है। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के पूर्व जनसंपर्क अधिकारी और एएमयू उर्दू एकेडमी के पूर्व डायरेक्टर डॉ. राहत अबरार कहते हैं कि 22 फरवरी सन 2002 में तत्कालीन कुलपति डॉक्टर हामिद अंसारी के कार्यकाल में दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया था।
इसमें दिलीप कुमार को भी आमंत्रित किया गया था। इस समारोह में ही उनको डी लिट की मानद उपाधि प्रदान की जानी थी। लेकिन अपनी बीमारी व अन्य कारणों के चलते वह मुंबई से अलीगढ़ नहीं आ सके थे। बाद में विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों ने मुंबई जाकर उन्हें उपाधि प्रदान की। दिलीप कुमार ने दीक्षांत समारोह के लिए छात्रों को शुभकामना संदेश भी भेजा था, जिसे समारोह के दौरान प्रस्तुत किया गया। इस समारोह में पूर्व प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित हुए थे।
इसके अलावा अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति रहे लेफ्टिनेंट जनरल जमीरउद्दीन शाह के भाई नसरुद्दीन शाह ने भी दिलीप कुमार के साथ कई फिल्मों में अभिनय किया।
दिलीप कुमार के निधन से अलीगढ़ के सिनेमा प्रेमियों में भी शोक की लहर है। माहेश्वरी क्रिएटिव क्लब के संरक्षक संजय माहेश्वरी ने बताया कि अलीगढ़ के ही रहने वाले पटकथा लेखक मनोज संतोषी ने दिग्गज अभिनेता के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा है कि उनके जाने से एक युग का अंत हो गया है।
उनके निधन पर तस्वीर के साथ यादें ताजा करते हुए कांग्रेसी नेता मनोज सक्सेना ने कहा कि मुलाकात में वह भी बेहद सहज और आत्मीयता के साथ मिलते थे। उनके साथ हुई मुलाकात अब एक सुखद याद बनकर रह गई है।
दिलीप कुमार और उनकी पत्नी सायरा बानो के साथ कांग्रेसी नेता मनोज सक्सेना
- फोटो : Amar Ujala
दिलीप कुमार और उनकी पत्नी सायरा बानो के साथ कांग्रेसी नेता मनोज सक्सेना