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छात्रों की समस्याएं खत्म कर गए तो जिंदगी भर मिलेंगी दुआएं

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अमित गोस्वामी, छात्र नेता। - फोटो : Amar Ujala
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फोटो छात्रों की समस्याएं खत्म कर गए तो जिंदगी भर मिलेंगी दुआएं प्वाइंटर कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने समस्याओं के निस्तारण के लिए पोर्टल व ट्विटर अकाउंट खुलवाने पर दिया है जोर अमर उजाला ब्यूरो अलीगढ़। प्रो. अशोक मित्तल के हटाए जाने के बाद लखनऊ विवि के कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने आगरा विवि का अतिरिक्त कार्यभार ग्रहण कर लिया है। कार्यभार ग्रहण करते समय प्रो. आलोक कुमार ने छात्रों की समस्याओं के निदान के लिए ऑनलाइन पोर्टल पर शुल्क लेकर सीमित समय में शिकायतों के समाधान करने पर जोर दिया। वहीं कहा कि अधिकारियों का ट्विटर अकाउंट हो तो छात्र सोशल मीडिया पर अपनी समस्या रख पाएंगे। जिससे संबंधित अधिकारी का दायित्व बढ़ जाता है। लेकिन हकीकत तो यह है कि अगर छात्रों की समस्याएं नवनियुक्त कुलपति दूर कर गए तो छात्र-छात्राएं जिदंगी भर दुआएं देंगे। वही, आगरा विवि पर लगे ..शादी हो गई, बच्चे हो गए, लेकिन अंकतालिकाएं नहीं सुधर रहीं जैसे दाग धुल जाएंगे। जी हां, आगरा विवि के कुलपति का प्रभार लेने वाले प्रो. आलोक कुमार राय ने छात्रों की समस्या के समाधान के लिए कुलसचिव से कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की सुविधा के लिए ईएएसई पोर्टल स्थापित किया गया है। वहां हम विद्यार्थी को विश्वविद्यालय आने के लिए हतोत्साहित करते हैं। विद्यार्थी इस पोर्टल पर जाकर अपनी समस्या के अनुरूप शुल्क जमा कराता है। जिसके पश्चात निर्धारित समय सीमा के अंदर उसकी समस्या का समाधान कर दिया जाता है। लखनऊ विश्वविद्यालय में हर अधिकारी का एक ट्विटर अकाउंट है। जहां विद्यार्थी अपनी समस्या रख सकता है। समस्या सार्वजनिक रूप से अधिकारी के पास पहुंचने से उनका उत्तरदायित्व बढ़ जाता है और प्रयास किया जाता है कि समस्या का यथाशीघ्र समाधान किया जा सके। अगर दोनों प्रक्रिया आगरा विवि में भी लागू हो जाएं तो छात्रं की समस्याओं का समाधान होगा। जबकि छात्र नेताओं का कहना है कि आगरा विवि में व्याप्त समस्याएं अगर नवागत कुलपति खत्म कर जाते हैं तो जिदंगी भर लाखों विद्यार्थी उन्हें दुआएं देंगे। क्योंकि आगरा विवि में समस्याओं के साथ भ्रष्टाचार खत्म करना भी जरूरी है। -- -कुलपति बच्चों कि समस्याएं दस साल में भी खत्म नहीं कर पाएंगे। अगर प्रत्येक जिले में स्थापित नोडल सेंटरों में विवि की एक-एक ब्रांच खोली जाए। जिसमें सात दिन अथवा तीन दिन में समस्याओं के निस्तारण के लिए अधिकारी व कर्मचारी रहें। 20 दिन की जवाबदेही तय हो। तब जाकर कहीं लाभ मिलेगा। क्योंकि छात्र अंकतालिकाओं के लिए भाग रहा है। साथ ही विवि को लेकर कहावत है कि शादी हो गए और बच्चे हो गए, लेकिन मार्कशीट ठीक नहीं हुई। ऐसे कलंक को हटाना होगा। -अमित गोस्वामी, छात्र नेता। -वास्तव में आगरा विवि के प्रबंधन को भ्रष्टाचार मुक्त बनाना पड़ेगा। ऑनलाइन पोर्टल तो है, लेकिन उस पर सभी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। छात्र विवि तक के चक्कर काटता है। वहीं ट्विटर अकाउंट की बात करें तो अधिकारियों के साथ-साथ डिग्री कॉलेज आदि के भी ट्विटर अकाउंट नहीं है। इस कारण छात्र अपनी समस्याओं को सार्वजनिक मंच पर नहीं रख पाते हैं और रुपयों के खर्च के साथ-साथ समय की बर्बादी करते रहते हैं। -बल्देव चौधरी सीटू, प्रदेश मंत्री एबीवीपी।
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बल्देव चौधरी सीटू, प्रदेश मंत्री एबीवीपी। - फोटो : Amar Ujala
बल्देव चौधरी सीटू, प्रदेश मंत्री एबीवीपी।
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प्रो. आलोक कुमार राय, कुलपति आगरा विवि। - फोटो : Amar Ujala
प्रो. आलोक कुमार राय, कुलपति आगरा विवि।
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