अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के जेएन मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के उपचार के लिए इस्तेमाल होने वाले 30 इंजेक्शन आ जाने से अस्पताल प्रशासन ने राहत की सांस ली है।
इसी के साथ एक नया मरीज ब्लैक फंगस का भर्ती किया गया है। इसके बाद कुल 13 ब्लैक फंगस के मरीज मेडिकल कॉलेज में भर्ती हैं।
दूसरी ओर ब्लैक, व्हाइट के साथ ही अब यलो फंगस के लिए भी जेएन मेडिकल कॉलेज मरीजों पर नजर रखी जा रही है। आने वाले नए मरीजों में ब्लैक फंगस के अलावा व्हाइट और यलो फंगस को ध्यान में रखते हुए भी जांच की जा रही है।
ब्लैक फंगस के इलाज में काम आने वाले इंजेक्शन को लेकर मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से संपर्क साधा था।
उन्होंने कहा था कि सबसे ज्यादा मरीज उनके यहां भेजे जा रहे हैं लेकिन उपचार के लिए जरूरी इंजेक्शन उपलब्ध नहीं कराया जा रहा है। इस विरोधाभासी स्थिति के चलते भर्ती हुए मरीजों का उपचार प्रभावित हो सकता है।
इसके बाद मेडिकल कॉलेज को 30 इंजेक्शन उपलब्ध करा दिए गए हैं।
मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी कहते हैं कि इन इंजेक्शनों के मिलने के बाद अब बेहतर तरीके से ब्लैक फंगस के मरीजों का उपचार कर सकेंगे। शनिवार को ब्लैक फंगस का एक नया मरीज भर्ती किया गया है। सभी मरीजों की हालत में सुधार हो रहा है। किसी मरीज की हालत गंभीर नहीं है।
प्रिंसिपल शाहिद सिद्दीकी कहते हैं कि इन सभी प्रकार की फंगस में ब्लैक फंगस ही सबसे ज्यादा खतरनाक है। व्हाइट और यलो फंगस को लेकर कोई खास समस्या नहीं आने वाली है।