अलीगढ़। कोरोना वायरस संक्रमण के चलते लगे कोरोना कर्फ्यू में घरेलू एलपीजी गैस की खपत में कमी आई है।
कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि छोटे फूड वेंडर्स, व स्टॉल लगाने वाले घर पर ही काम करके अपना सामान स्टॉल पर बेचने जाते थे। लेकिन उनकी गतिविधियां बंद पड़ी हुई हैं। इसलिए एलपीजी सिलेंडर की खपत में कमी आई है।
एलपीजी एजेंसी संचालक आशीष कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि जिले के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो पिछले वर्ष अप्रैल 2020 में 6122 मीट्रिक टन घरेलू गैस की खपत हुई थी। एक मीट्रिक टन गैस से एलपीजी के 71 सिलेंडर भरे जाते हैं।
अप्रैल 2021 में यह खपत घटकर 5541 मीट्रिक टन एलपीजी गैस की रह गई। इस तरह 558 मीट्रिक टन कम घरेलू एलपीजी गैस की खपत हुई। इस संख्या को अगर हम एलपीजी सिलेंडर में तब्दील करें तो उनकी संख्या 40000 सिलेंडर की बैठती है। (स्रोत एसोसिएशन)
व्यवसायिक सिलेंडर की मांग इस वर्ष अच्छी
अलीगढ़। घरेलू एलपीजी सिलेंडर की खपत में भले ही कमी आई हो लेकिन व्यवसायिक श्रेणी के एलपीजी सिलेंडर की खपत में इस बार कमी नहीं आई है।
इसका एक कारण पूरी तरह लॉकडाउन का न होना है। आंकड़ों की बात करें तो अप्रैल 2020 में व्यवसायिक श्रेणी में चार मीट्रिक टन एलपीजी की खपत हुई थी। अप्रैल 2021 में 232 मीट्रिक टन एलपीजी की खपत हुई है। इस तरह व्यवसायिक सिलेंडर की खपत इस बात को दर्शाती है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष व्यवसायिक गतिविधियां पूरी तरह ठप नहीं है।
गत वर्ष मिले थे तीन निशुल्क गैस सिलेंडर
अलीगढ़। गैस एजेंसी संचालक प्रेम बाबू कहते हैं कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष एलपीजी घरेलू सिलेंडर की मांग में कमी आने का एक बड़ा कारण यह भी है कि गत वर्ष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उज्ज्वला योजना के तहत तीन गैस सिलेंडर निशुल्क देने की घोषणा की थी और दिए।
इसके चलते भी लोगों ने सिलेंडर भरवाए। लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। ग्रामीण इलाकों में बड़ी संख्या में उज्जवला योजना के ऐसे लाभार्थी हैं जो सिलेंडर नहीं भरवा रहे हैं या सिलेंडर भरवा पाने की स्थिति में नहीं है।
उज्जवला योजना 3, कुछ समय में चालू होने वाली है। जिसकी तैयारी आंतरिक स्तर पर कंपनियों द्वारा की जा रही है। इसमें एक करोड़ कनेक्शन पूरे भारत में बटने हैं। जिसका कि जिक्र इस बार के बजट में किया गया था। इसके 1 से 2 सप्ताह के अंदर चालू होने की उम्मीद है।
-आशीष कुलश्रेष्ठ, गैस एजेंसी डीलर