अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट सेंटर द्वारा विदेश में पढ़ने के इच्छुक विद्यार्थियों के लिए एक वेबिनार का आयोजन किया गया।
इसमें पहले से ही विदेशी विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थी यहां पर मौजूद विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया। छात्रों ने न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन अमेरिका, फिनलैंड, जर्मनी, फ्रांस सहित अन्य यूरोपीय देशों के विश्वविद्यालयों के संबंध में जानकारी ली।
इसके साथ ही रूस की शिक्षा प्रणाली और वहां के विश्वविद्यालयों के संबंध में जानकारी हासिल की। छात्रों को बताया गया कि कुछ देश ऐसे हैं जहां पोस्ट ग्रेजुएट स्तर पर शिक्षा का खर्च वहां की सरकार वहन करती है। इसके साथ ही विदेशी विश्वविद्यालयों में अध्ययन के लिए पहले छात्रों को कुछ भाषा संबंधी परीक्षाएं भी उत्तीर्ण करनी पड़ती हैं।
इन बातों का रखें ध्यान
- विदेशी विश्वविद्यालयों में प्रवेश लेने से पहले वहां की यूनिवर्सिटी के विषय में विस्तृत जानकारी कर लें
-अगर कोई एजेंट यूनिवर्सिटी में एडमिशन कराने के नाम पर पैसे मांगता है तो उस के माध्यम से आगे की प्रक्रिया बिल्कुल भी न बढ़ाएं
-सलाहकार वह हो जो वहां पर पहले अध्ययन कर रहा हो। बाहर के सलाहकारों से बचें
- जिस सेंटर के माध्यम से विदेश जाने वाले हों, यह सुनिश्चित कर लें कि वह सेंटर करीब 5 साल से चल रहा है और पता करने लें कि इसके माध्यम से पूर्व में किन-किन छात्रों को किन विश्वविद्यालयों में भेजा जा चुका है।
-आईईएलटीएस और टफेल खुद कोचिंग कराता हो। ब्रिटिश काउंसिल में रजिस्टर्ड सेंटर हो।
- जिस विश्वविद्यालय में प्रवेश ले रहे हैं वहां की लोकेशन और सुविधाएं पूरी तरह जान लें। नेट पर सर्च कर लें
- प्राइवेट कॉलेज और विश्वविद्यालय में एडमिशन लेने से बचें। अगर संभव हो तो विदेश में केवल अधिकृत विश्वविद्यालयों में ही अध्ययन करना उचित रहेगा।