तीन नए कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली में 13 दिन से धरनारत किसानों के भारत बंद का मंगलवार सुबह अलीगढ़ के बाजारों पर आशिंक असर दिखा, लेकिन विपक्षी दलों में हलचल तेज है। इधर, प्रशासनिक अमले ने पुलिस अधिकारियों के साथ गश्ती शुरू कर दी है।
डीएम ने देहात के लिए एडीएम प्रशासन कार्यालय और शहर के लिए एडीएम सिटी के कार्यालय को कंट्रोल रूम बनाया है। यहां से थानावार तैनात सभी मजिस्ट्रेट से अपडेट सूचना ली जा रही है। कहीं भी जाम लगाने से रोकने के लिए रेलवे ट्रैक, रेलवे स्टेशन, बस अड्डे, प्रमुख मार्ग, चौराहा, हाईवे और टोल पर भी पुलिस तैनात है।
इधर, बंद के समर्थन में जुट रहे सपा नेताओं को पुलिस ने उनके घरों में ही रोक दिया है। जिलाध्यक्ष गिरीश यादव किसी तरह से पूर्व नगर विधायक जफर आलम के आवास पर पहुंचे। पूर्व छर्रा विधायक ठा. राकेश सिंह भी साथियों के साथ पहुंच गए हैं। सपाई वहीं एकत्र हो रहे हैं।
बसपा का बंद को समर्थन है लेकिन वह कोई प्रदर्शन नहीं कर रहे। जिलाध्यक्ष रतनदीप सिंह ने कहा कि वह शांतिपूर्ण ढंग से बंद का समर्थन कर रहे हैं। कांग्रेस कमेटी के द्वारा भी जिला मुख्यालय पर विरोध और प्रदर्शन प्रस्तावित है। राष्ट्रीय लोक दल दोपहर 12 बजे के बाद खेरेश्वर चौराहे पर हाईवे जाम करेगा।
आम आदमी पार्टी, प्रगतिशील समाजवादी पार्टी लोहिया, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी अपने कार्यालय में सभा करेंगे। बंद में मजदूर संगठन सीटू, इंटक, रेलवे की मैन्स यूनियन, ट्रांसपोर्टर व मंडी व्यापारी भी शामिल हैं। धनीपुर मंडी में सुबह कुछ दुकानें बंद कराई गईं।
शहर के अधिकतर क्षेत्रों में मंगलवार को बाजार बंद रहते हैं। व्यापारी दुकान खोलते हैं या नहीं, इस पर सबकी नजर है। कई व्यापारिक संगठन भारत बंद के विरोध में भी आए हैं।