न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
हाथरस कांड का सच गया है? यह तो एजेंसियों की जांच किसी नतीजे पर पहुंचने पर ही स्पष्ट होगा। मगर, इस कांड में नित नए मोड़ आ रहे हैं। अब इस कांड में जेल भेजे गए चारों आरोपियों ने जेल से एक चिट्ठी पुलिस अधीक्षक हाथरस को भेजी है, जिसमें खुद को निर्दोष बताते हुए इस घटना को हॉरर किलिंग करार दिया है। खुद को निर्दोष करार देते हुए जांच कर मदद की गुहार लगाई है। कारागार प्रशासन ने चारों बंदियों की ओर से यह चिट्ठी भेजे जाने की पुष्टि की है।
जिला कारागार की क्वारंटीन बैरक में निरुद्ध चारों आरोपियों संदीप, रामू, लवकुश व रवि ने बैरक के राइटर से बुधवार को अनुरोध किया था कि उन्हें एक पत्र लिखकर हाथरस प्रशासन को भेजना है। उनकी अधिकारियों से मुलाकात करा दी जाए। इस पर बैरक राइटर ने दोपहर में यह मांग कारागार अधीक्षक आलोक सिंह के समक्ष रखी। इस पर उन्हें कागज व लिखने के लिए कलम आदि मुहैया कराई गई। इसके बाद दोपहर बाद उन्होंने संयुक्त रूप से लिखा लिफाफा में बंद पत्र कारागार अधीक्षक के पास भेजा। बाद में उसे कारागार प्रशासन ने जेल मैन्युअल के अनुसार एसपी हाथरस को विशेष संदेश वाहक से बुधवार शाम को ही उनके आवास स्थित कार्यालय में रिसीव करा दिया।
- कारागार नियमों के अनुसार अगर कोई बंदी/कैदी अपने मुकदमे से संबंधित जज, अधिवक्ता के अलावा परिवार या किसी विषय को लेकर किसी अधिकारी को पत्र लिखकर भेजना चाहता है तो उसे संसाधन मुहैया कराए जाते हैं और पत्र संबंधित जगह डाक या विशेष संदेश वाहक के जरिये भिजवाया जाता है। इस मामले में भी यही प्रक्रिया अपनाई गई है। रहा सवाल पत्र के अंदर क्या लिखा है, इस विषय में हम कुछ नहीं बता सकते। यह जांच एजेंसियों या हाथरस पुलिस के स्तर से ही जानकारी दी जा सकेगी।
- आलोक सिंह, वरिष्ठ अधीक्षक कारागार
ये है पत्र का मजमून
पुलिस अधीक्षक हाथरस को संबोधित यह चिट्ठी हाथरस कांड के मुख्य आरोपी संदीप उर्फ चंदू की ओर से लिखी गई है। चिट्ठी की शुरुआत में ही लिखा है कि चंदपा पुलिस ने उन्हें 20 सितंबर को एक झूठे मुकदमे में जेल भेज दिया है। इस मुकदमे में गांव की लड़की संग गलत काम करने व मारपीट करने का आरोप है, जिसकी बाद में मृत्यु हो गई। इस झूठे मुकदमे में अलग-अलग दिन उसके गांव के लवकुश, रामू व रवि भी आरोपी बनाकर जेल भेजे गए हैं, जिनमें से रवि व रामू उसके पविार के रिश्ते के चाचा हैं। पत्र के अनुसार संदीप ने स्वीकारा है कि गांव की लड़की से उसकी दोस्ती थी और वह उससे मिलता भी था और फोन पर बात भी होती थी। जिसका लड़की के परिवार वाले विरोध करते थे। घटना वाले दिन भी खेत में वह लड़की से मिलने गया था। इसी बीच उसकी मां व भाई दिखाई गए, जिन्हें देखकर वह लौट आया। बाद में उसे गांव वालों से पता चला कि लड़की को उसके मां-भाई ने पीटा है। इसके बाद लड़की के परिवार वालों ने उल्टा उन्हें झूठा फंसा कर जेल भिजवा दिया है। इस पत्र में भेजने वाले के रूप में संदीप के हस्ताक्षर व अंगूठा निशानी के अलावा एक तरफ तीन अन्य आरोपी लवकुश, रवि व रामू के हस्ताक्षर व अंगूठा निशान मौजूद हैं।