डेंगू-मलेरिया के बीच वायरल बुखार पैर पसार रहा है। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को बुखार पीड़ित 900 से अधिक मरीजों ने उपचार कराया है, जिसमें 350 बच्चे बुखार पीड़ित रहे। दिन भर बुखार पीड़ितों की भीड़ ओपीडी में लगी रही।
इस दौरान डॉक्टरों के स्तर से तीन दिन बाद भी बुखार से ग्रसित मरीजों को डेंगू व मलेरिया जांच की सलाह भी दी जा रही है। जिन लोगों को ज्यादा कमजोरी महसूस हो रही है, उनकी प्लेटलेट्स की जांच कराई जा रही है। जिला अस्पताल में बृहस्पतिवार को ओपीडी में करीब 1500 मरीज पहुंचे।
जिला अस्पताल की ओपीडी में पहुंचे ज्यादातर मरीजों में वायरल के साथ साथ खांसी, सिरदर्द, हाथ पैरों में जकड़न की शिकायत महसूस हो रही है। इस दौरान मरीजों को कतार में खड़ा रहना पड़ा। सीएमएस डॉ.ईश्वर देवी बत्रा का कहना है कि ये मौसमी बुखार है। इसमें डरने की कोई बात नहीं है। इन दिनों बारिश के कारण मच्छर जनित बीमारियां भी होती हैं। जिसे लेकर सावधान रहने की जरूरत है। घरों में सफाई जरूरी है। कहीं भी पानी न भरा रहने दें।
लगातार बढ़ रही डेंगू-मलेरिया की जांच
जिला अस्पताल की लैब में डेंगू व मलेरिया की जांच लगातार बढ़ रही है। जैसे मरीजों की संख्या पहुंच रही है। उसी अनुसार तीन दिन से अधिक बुखार वाले मरीजों की जांच कराई जा रही है। हालांकि अभी तक की जांच में एक भी प्रकरण में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई है। हां, जरूरत पर मरीजों को प्लेटलेट्स चढ़वाने की सलाह जरूर दी जा रही है।
दो केस मिलने के बाद बढ़ी सतर्कता
महानगर में डेंगू के दो केस मिलने के बाद स्वास्थ्य टीमों ने सतर्कता व सर्वे बढ़ा दिया है। बृहस्पतिवार को डीएमओ डॉ.राहुल कुलश्रेष्ठ की अगुवाई वाली टीम ने डेंगू के संवेदनशील क्षेत्रों, डीएम आवास व एडीएम कंपाउंड में डोर-टू-डोर सर्वे किया। इस दौरान एंटी लार्वा छिड़काव कराया गया। साथ में कुछ जगहों पर लार्वा पाया गया, उसे निस्तारित कराकर सैंपल संकलित किया गया। साथ में जगह जगह डेंगू सैंपल व रक्त पट्टिकाएं बनाने का काम किया गया। इसे लेकर डीएमओ डॉ.राहुल कुलश्रेष्ठ कहते हैं कि सावधानी बेहद जरूरी है।