अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के इंटरडिसिप्लिनरी बायोटेक्नोलॉजी यूनिट के प्रो. असद यू खान को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के स्टार्टअप इनक्यूबेशन एंड इनोवेशन में स्टार्टअप स्थापित करने के लिए जैव प्रौद्योगिकी उद्योग अनुसंधान सहायता परिषद (बीआईआरएसी) से 50 लाख रुपये का अनुदान मिला है।
फोटो डायनामिक थेरेपी के साथ मधुमेह के मरीजों के लिए पैर के अल्सर के इलाज के लिए उनका पेटेंट कराया गया। फॉर्मूलेशन यह सुनिश्चित करता है कि डायबिटिक फुट अल्सर अब उच्च रुग्णता, मृत्यु दर, माइक्रोबियल संक्रमण और विच्छेदन जैसी गंभीर जटिलताओं का कारण न बने। यह प्रतिष्ठित बायोटेक्नोलॉजी इग्निशन अनुदान 18 महीने की अवधि में इस महत्वपूर्ण फॉर्मूलेशन को व्यावसायिक प्रयोग के लिए तैयार करने के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दिया गया है।
प्रो. असद के अनुसार, विशेष रूप से बनाए गए नैनोकण इस नई दवा के प्रमुख घटक हैं। प्रत्येक नैनोपार्टिकल दवा को स्टोर करेगा और इसे विशेष रूप से वितरित करेगा। उन्होंने कहा कि नई दवा का उपयोग जेएन मेडिकल कॉलेज, एएमयू के राजीव गांधी सेंटर फॉर डायबिटीज एंड एंडोक्राइनोलॉजी में पैर के अल्सर वाले मधुमेह रोगियों पर परीक्षण के लिए किया जाएगा, जहां केंद्र निदेशक डॉ. हामिद अशरफ का सहयोग रहा है।
इस महत्वपूर्ण फॉर्मूलेशन के विकास और उत्पादन के लिए दिया गया। अनुदान भारत सरकार की राष्ट्रीय नवाचार और स्टार्टअप नीति (एनआईएसपी)-2019 के अनुरूप है, जो शिक्षकों और छात्रों के बीच के नवोन्मेषकों को स्टार्टअप स्थापित करने की सहूलियत प्रदान करता है।