न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
जेएन मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस के लिए वैक्सीन परीक्षण के लिए निर्धारित प्रोटोकॉल पूरा नहीं होने पर परीक्षण के लिए रजिस्ट्रेशन कराने वालों की सूची से कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने अपना नाम वापस ले लिया है।
इस वैक्सीन के परीक्षण के लिए कई तरह के मानक और प्रोटोकॉल पूरे करने होते हैं। जिसमें एक यह भी है कि नामांकन से पहले 4 सप्ताह के अंदर और कोई टीका वॉलिंटियर्स को नहीं लगना चाहिए, लेकिन कुलपति ने कुछ दिनों पहले ही इनफ्लुएंजा वैक्सीन का टीका लगवाया था जो उनको वार्षिक रूप से दिया जाता है। इसके चलते हुए परीक्षण के लिए वॉलिंटियर्स की पात्रता नहीं रखते हैं। मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल प्रोफेसर शाहिद अली सिद्दीकी ने बताया वैक्सीन के परीक्षण के लिए अब तक 250 से अधिक वालंटियर ने आवेदन किया है। सभी आवेदनों को परीक्षण में शामिल करने से पहले इंडियन काउंसिल फॉर मेडिकल रिसर्च के द्वारा निर्धारित प्रोटोकॉल और प्रक्रिया के अनुसार जांच की जाएगी।
टीका परीक्षण के लिए फार्म कंपनी भारत बायोटेक के प्रतिनिधि आने वाले दिनों में एएमयू का दौरा करेंगे। सभी वॉलिंटियर्स की लिखित सहमति व अन्य औपचारिकताओं को समय से पूरा कर दिया जाएगा। इससे पहले 10 नवंबर को जेएन मेडिकल कॉलेज में वैक्सीन के परीक्षण के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया का काम शुरू हुआ था। इसमें पहले वालंटियर के रूप में कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने अपना नाम दर्ज कराया था।