क्रिसमस पर यीशु के आगमन को लेकर शहर के चर्च में तैयारियां जोर -शोर से शुरू हो गई हैं। इसमें अलीगढ़ शहर में जीटी रोड बन्नादेवी स्थित 142 साल पुराना सेंट्रल मेथोडिस्ट चर्च अलीगढ़ का सबसे पुराने चर्चों में से एक माना जाता है। यहां बड़ी संख्या में ईसाई समाज से जुड़े लोग सुबह-शाम प्रार्थना सभाएं, बाइबिल अध्ययन और सामाजिक कार्यक्रमों में शामिल होते हैं। इंग्लैंड से आए विशप विल्सन को चर्चों का जनक कहा जाता है।
क्रिसमस प्रभु यीशु के आगमन का पर्व है। मसीही समाज इसे पूरे उल्लास के साथ मनाता है। इस बार भी पूरे धार्मिक उल्लास से मनाने की तैयारी की जा रही है।- शोभित अल्बर्ट
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क्रिसमस प्रभु यीशु के मानव रूप में इस दुनिया में आने का उत्सव है, ताकि वे प्रेम, शांति और उद्धार का संदेश दे सकें। यह दुनिया भर में आनंद और खुशी का दिन है।- विजय जोन
यीशु के आगमन में स्वागत की तैयारी
प्रभु यीशु के जन्मदिन को लेकर ईसाई समाज में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। खासकर घंटाघर स्थित चर्च ऑफ एसेंशन और बन्नादेवी चर्च में विशेष प्रार्थनाएं होती हैं। यहां 24 दिसंबर से ही कार्यक्रम शुरू हो जाते हैं। मध्य रात्रि को प्रभु यीशु के जन्मदिन पर खुशियां देखते ही बनती हैं। शहर के सभी गिरजाघर मैरी क्रिसमस से गूंज उठते हैं। सभी एक- दूसरे को बधाइयां देते हैं। प्रभु यीशु के जन्मदिन की खुशी पर घरों पर लाइट और झालरें लगाई जा रही हैं, जिससे चारों तरफ प्रकाश हो।