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अलीगढ़ : अग्रसेन द्वार विवाद के जिम्मेदार अपर नगर आयुक्त, निदेशालय से संबद्ध

सार

जब काफी प्रयास के बाद जिला प्रशासन पूर्व विधायक संजीव राजा का धरना खत्म नहीं करा पाया तो खुद मुख्यमंत्री के विशेष सचिव स्तर से पूर्व विधायक से दूरभाष पर वार्ता की गई। निदेशालय जाकर कार्यभार संभाला जाएगा।-अरुण कुमार गुप्त, अपर नगर आयुक्तये था प्रकरणआज रविवार 2 अक्तूबर को प्रस्तावित अग्रसेन शोभायात्रा को लेकर शहर में स्वागत द्वार लगवाए गए थे, जिन्हें अपर नगर आयुक्त की अगुवाई में नगर निगम टीम ने तोड़ दिया। नियमानुसार अनुमति लेकर आयोजन की तैयारियों में जुटे समाज के लोगों ने जब इसका विरोध किया और फोन पर वार्ता की तो अपर नगर आयुक्त ने इस कार्रवाई को सही करार दिया।
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विस्तार
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अलीगढ़
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महाराजा अग्रसेन शोभायात्रा स्वागत द्वार विवाद में आखिरकार शासन स्तर से संज्ञान ले लिया गया। अपर नगर आयुक्त अरुण कुमार गुप्त का अविवेकपूर्ण पर्यवेक्षण मानते हुए पूरे घटनाक्रम के लिए उन्हें जिम्मेदार माना गया है। इस आधार पर शनिवार को उन्हें नगर विकास निदेशालय लखनऊ से संबद्ध कर दिया गया है। इस तरह पूर्व विधायक संजीव राजा द्वारा शुक्रवार रात दिए गए धरना और जिला प्रशासन की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर की गई इस कार्रवाई से अग्र समाज में खुशी की लहर है। वहीं नगर निगम में सन्नाटा है।
महाराजा अग्रसेन की शोभायात्रा से ऐन पहले शहर में लगाए गए स्वागत द्वार गिराए जाने। उस पर लगे महाराजा अग्रसेन के फोटो युक्त बैनर-पोस्टरों को नालों व सड़क पर फेंके जाने को शासन ने गंभीरता से लिया है। इस संबंध में नगर विकास विभाग के अनु सचिव मो.वासिफ की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि इस घटना के कारण पनपे जनाक्रोश, कानून व्यवस्था, जनभावनाएं आहत होने, दूरदर्शी निर्णय न लिए जाने व विवेकपूर्ण पर्यवेक्षण न किए जाने के कारण उत्तरदायी माना गया है।
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इसके चलते तत्काल प्रभाव से अरुण कुमार गुप्त को निदेशालय से संबद्ध किया गया है और इस दौरान उनके वेतन-भत्तों का आहरण नगर निगम अलीगढ़ से होगा। इधर, शासन के निर्देश पर इस मामले में एडीएम सिटी द्वारा की जा रही जांच के आधार पर अग्रिम कार्रवाई तय होगी।
- इस घटनाक्रम को लेकर जिले में कानून व्यवस्था के मद्देनजर शुक्रवार को ही प्रारंभिक रिपोर्ट भेजी गई थी, जिसके बाद शासन स्तर से इस कार्रवाई पर निर्णय लिया गया है। बाकी जो जांच हमें सौंपी गई है। उसे एडीएम सिटी कर रहे हैं। उसकी रिपोर्ट भी अगले दो-तीन दिन में भेजी जाएगी।
- इंद्र विक्रम सिंह, डीएम
विधायक के पत्र और पूर्व विधायक के धरने पर शासन सख्त
अलीगढ़। इस प्रकरण में अपर नगर आयुक्त पर कार्रवाई को लेकर इशारा शुक्रवार रात ही हो गया था। उसके बाद ही धरना खत्म किया गया था। जब काफी प्रयास के बाद जिला प्रशासन पूर्व विधायक संजीव राजा का धरना खत्म नहीं करा पाया तो खुद मुख्यमंत्री के विशेष सचिव स्तर से पूर्व विधायक से दूरभाष पर वार्ता की गई। उसी वार्ता में यह इशारा कर दिया गया था। इससे पहले शहर विधायक मुक्ता संजीव राजा ने मुख्यमंत्री को एक पत्र भी भेजा था, जिसमें अपर नगर आयुक्त पर तमाम गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
पत्र में बर्खास्त करने व विजिलेंस जांच की मांग
शहर विधायक की ओर से भेजे गए पत्र में पूरे प्रकरण का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि इस घटनाक्रम से साफ प्रतीत होता है कि महापुरुष व समाज विशेष को अपमानित कर सांप्रदायिक सद्भाव व शहर की कानून व्यवस्था को पलीता लगाने के साथ-साथ सरकार की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है। पत्र में सीधे आरोप है कि यह सब कुछ अपर नगर आयुक्त द्वारा किया गया है। ऐसे सरकार विरोधी मानसिकता वाले अधिकारी को निलंबन ही नहीं, बल्कि बर्खास्त किया जाए और कारनामों की जांच विजिलेंस से कराई जाए। ताकि समाज की भावनाओं को राहत मिल सके।
अग्र समाज में दौड़ी खुशी की लहर
इस कार्रवाई की खबर देर रात शहर में आई तो अग्र समाज में खुशी की लहर दौड़ गई। रविवार को प्रस्तावित आयोजन की तैयारियों में जुटे अग्र समाज में उत्साह दोगुना हो गया। इसे लेकर आयोजन समिति से जुड़े शरद बंसल ने कहा कि सरकार ने यह निर्णय लेकर समाज को न्याय दिया है। इसी तरह प्रहलाद अग्रवाल, अतीत अग्रवाल आदि ने भी खुशी जताई है।
तीन दिन में रिपोर्ट भेजेंगे एडीएम सिटी
इस प्रकरण में शासन स्तर से जांच बैठाई गई है। जिसे एडीएम सिटी संपादित कर रहे हैं। शनिवार को उन्होंने इस मामले में आयोजन व नगर निगम पक्ष के तमाम लोगों से बातचीत की । अभी कुछ और लोगों से बातचीत व साक्ष्य संकलित किया जाना बाकी है। खुद एडीएम सिटी ने स्वीकारा कि वे अगले दो-तीन दिन में यह रिपोर्ट जिलाधिकारी के माध्यम से शासन को भेजेंगे। बाकी निर्णय शासन स्तर से लिया जाएगा।
-यह पूरा विषय मुख्यमंत्री के संज्ञान में लाया गया था। महापुरुष के साथ-साथ समाज का अपमान मौजूदा सरकार में कतई सहन नहीं होगा। इसी उद्देश्य से जनभावनाओं को ध्यान में रखकर मुख्यमंत्री स्तर से निर्णय लिया गया है। बाकी जांच व कार्रवाई जारी है।-संजीव राजा, पूर्व विधायक
-मुझे अभी सीधे आदेश नहीं मिला है, मगर इस तरह की जानकारी मिली है। जो भी शासन का आदेश है, उसका पालन किया जाएगा। निदेशालय जाकर कार्यभार संभाला जाएगा।-अरुण कुमार गुप्त, अपर नगर आयुक्त
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ये था प्रकरण
आज रविवार 2 अक्तूबर को प्रस्तावित अग्रसेन शोभायात्रा को लेकर शहर में स्वागत द्वार लगवाए गए थे, जिन्हें अपर नगर आयुक्त की अगुवाई में नगर निगम टीम ने तोड़ दिया। उस पर लगे बैनर आदि नाले व सड़कों पर फेंक दिए गए। नियमानुसार अनुमति लेकर आयोजन की तैयारियों में जुटे समाज के लोगों ने जब इसका विरोध किया और फोन पर वार्ता की तो अपर नगर आयुक्त ने इस कार्रवाई को सही करार दिया। इसके अगले दिन रसलगंज चौराहे पर धरने के दौरान अपर नगर आयुक्त से हाथापाई हो गई। इसमें अग्र समाज की तहरीर पर मुकदमा दर्ज नहीं हुआ, जबकि अपर नगर आयुक्त की तहरीर पर मुकदमा हो गया। जिसे लेकर शुक्रवार देर रात पूर्व विधायक धरने पर बैठे थे। अग्र समाज के साथ साथ सर्व समाज इस प्रकरण में एक साथ खड़ा हुआ था। इन्हीं भावनाओं को ध्यान में रखकर यह निर्णय हुआ है।
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