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अलीगढ़ : लैब में अटकी मिलावटखोरों की करतूत

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राहुल दक्ष
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जिले में मिलावटखोरों का गैंग सक्रिय है। लोगों के स्वास्थ्य के साथ यह धड़ल्ले से खिलवाड़ कर मुनाफाखोरी कर रहे हैं। खाद्य सुरक्षा विभाग की जिला स्तरीय टीम इन पर लगाम लगाने को सैंपल भरती है। मगर, लैब में यह सैंपल समय से जांच के अभाव में अटक जाते हैं। इसके कारण जिले में सैकड़ों मिलावटखोर खुलेआम घूम रहे हैं। आलम यह है कि लॉक डाउन में एफडीए द्वारा लिए खाद्य पदार्थों के नमूनों की अभी तक जांच रिपोर्ट नहीं आईं हैं। पिछले वर्ष की भी 74 सैंपलों की जांच और रिपोर्ट लंबित है। इसका समाधान निकालने को जिला अभिहित अधिकारी सर्वेश कुमार मिश्रा ने चार माह पहले मलखान सिंह जिला अस्पताल में जगह चिन्हित कर यहां जांच लैब स्थापित करने का प्रस्ताव भेजा था। शासन स्तर पर यह प्रस्ताव ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है। इधर, आगरा की जांच लैब का भी आधुनिकीकरण नहीं किया जा रहा। इसके कारण वहां कई खाद्य पदार्थों की जांच नहीं हो पा रही है। अलीगढ़ मंडल से भरे जाने वाले सभी सैंपलों की जांच फिलहाल लखनऊ की लैब के ही भरोसे है।
प्रदेश के 75 जिले छह लैबों के भरोसे जांच
अलीगढ़ ही नहीं प्रदेश के अन्य शहरों को भी यही आलम है। प्रदेश के 75 जिलों के खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच का जिम्मा छह लैबों के कंधों पर है। वर्तमान में लखनऊ, बनारस, मेरठ, गोरखपुर, गाजियाबाद। इसके साथ ही आगरा में एक मिनी लैब है। इसमें से अलीगढ़ मंडल के सैंपलों की जांच का जिम्मा लखनऊ लैब पर है। अधिक भार के कारण जांच समय न हो पाना भी सबसे बड़ा कारण है।
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अलीगढ़ में स्थापित हो लैब तो बने बात
जिला अभिहित अधिकारी सर्वेश कुमार मिश्रा के मुताबिक अलीगढ़ में मंडल स्तरीय जांच लैब बनना प्रस्तावित है। इसके लिए मलखान सिंह जिला अस्पताल के परिसर में जगह तलाश प्रस्ताव भेजा गया है। शासन स्तर से प्रस्ताव पर मुहर लगने के बाद ही यहां लैब की स्थापना पर बात आगे बढ़ेगी। यहां लैब बनने से अलीगढ़ सहित मंडल के हाथरस, कासगंज और एटा जिले को भी फायदा मिलेगा।
कार्रवाई 2019 अप्रैल से मार्च 2020 तक 1 अप्रैल 2020 से अब तक
निरीक्षण 5370 1145
छापे 591 25
सैंपल 711 35
रिपोर्ट 637 00
मानकों के अनुरुप नहीं 181 21
असुरक्षित 55 08
पैकिंग में कमी 51 05
नियमों का उल्लंघन 22 01
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