फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अलीगढ़ : ‘टीईटी की परीक्षा किसके मापन के लिए ली जाती है’

विज्ञापन
टीकाराम महाविद्यालय से यूपी टीईटी परीक्षा देकर बाहर निकलते अभ्यार्थी । संवाद - फोटो : CITY OFFICE
विज्ञापन
उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपी टीईटी) में सरल प्रश्नपत्र पाकर अभ्यर्थियों के चेहरे खिल उठे। हालांकि, कुछ प्रश्नों ने अभ्यर्थियों को उलझाया भी। दोनों पालियों में अभ्यर्थियों से संवेग (इमोशन) विषय पर प्रश्न पूछे गए। परीक्षा में सिद्धांत और बौद्धिक क्षमता से जुडे़ सवाल भी आए। पहली पाली में धर्मपालन व कर्तव्य परायणता के गद्यांश ने अभ्यर्थियों को चौंका दिया। वहीं, प्रश्नपत्र में पूछा गया कि टीईटी की परीक्षा किसके मापन के लिए ली जाती है।
विज्ञापन

सुबह की पाली में दस बजे से प्राइमरी स्तर की परीक्षा आयोजित हुई, जिसमें बाल मनोविज्ञान, हिंदी, भाषा (अंग्रेजी या संस्कृत), पर्यावरण अध्ययन और गणित विषय से सवाल आए। इसके अलावा, टीईटी की जो परीक्षा ली जाती है, वह किसके मापन के लिए ली जाती है... सवाल पूछा गया।
इस प्रश्न के विकल्प ने अभ्यर्थियों को थोड़ा सा उलझा दिया। टीएटी (टीचिंग एप्टीट्यूड टेस्ट) के बारे में भी पूछा गया। धर्मपालन व कर्तव्य परायणता पर आए गद्यांश में एक प्रश्न पूछा गया था कि शिक्षार्थियों में किस विधि द्वारा सर्वाधिक रुचि जाग्रत होती है।
विज्ञापन

अभ्यर्थियों के मुताबिक, प्रश्नपत्र सरल आया था। लेकिन उतना सरल नहीं था, जो 28 नवंबर को हुई परीक्षा में आया था। दूसरी पाली दोपहर ढाई बजे शुरू हुई, जो उच्च प्राथमिक स्तर (जूनियर हाई स्कूल) के लिए थी। इसमें बाल मनोविज्ञान, हिंदी, भाषा (संस्कृत या अंग्रेजी), पर्यावरण अध्ययन, गणित, विज्ञान विषय से सवाल आए। विज्ञान में एक प्रश्न पूछा गया, पृथ्वी का चुंबकीय ध्रुव पर नमन कोण कितने डिग्री का होता है। प्रश्नपत्र में अधिक्षमता, बौद्धिक क्षमता, व्यक्तित्व और चिंतन के सवाल भी थे।
अभ्यर्थी बोले
- प्रश्नपत्र सरल आया था। 28 नवंबर को हुई परीक्षा का प्रश्नपत्र आज की तुलना में ज्यादा आसान था। अच्छे नंबरों का इंतजार रहेगा। - मधु रंजन, नगला कलार।
- पहला पेपर ज्यादा आसान लगा। सिद्धांत और बौद्धिक क्षमता के प्रश्नों ने कुछ उलझाया। टीईटी संबंधी प्रश्न को देखकर चौंक गई थी। - ज्योति शर्मा, नौरंगाबाद।
- पहली पाली में हिंदी विषय का गद्यांश ठीक हुआ, जिसमें कर्तव्य परायणता और धर्म पालन के बीच का अंतर बताकर प्रश्न पूछे गए। - यशु गुप्ता, साकेत विहार।
- दोनों पेपर न आसान थे और न ही कठिन थे। ऐसा लग रहा था कि काफी सोच समझकर अच्छे स्तर पर प्रश्नपत्र तैयार कराया गया है। - विशाखा, नुमाइश ग्राउंड।
--
पहली पाली में 1906 एवं दूसरी पाली
में 1447 अभ्यर्थी रहे अनुपस्थित
दो पालियों में 62 परीक्षा केंद्रों पर हुई यूपी टीईटी में कुल 31614 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। पहली पाली में 1906 और दूसरी पाली में 1447 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। वहीं, परीक्षा के दौरान जिलाधिकारी सेल्वा कुमारी जे ने परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सीसीटीवी कैमरे, अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति देखी।
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. धर्मेंद्र शर्मा ने बताया कि शिक्षक पात्रता परीक्षा की पहली पाली में 38 एवं दूसरी पाली 26 केंद्रों पर आयोजित हुई। प्रथम पाली में 19 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 38 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 76 विभागीय पर्यवेक्षक एवं 13 सचल दल लगाए गए थे।
दूसरी पाली में 26 परीक्षा केंद्रों पर 13 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 26 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 52 विभागीय पर्यवेक्षक एवं 9 सचल दलों को तैनात किया गया था। परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती थी। जनपद में प्रथम पाली में 18888 अभ्यर्थियों के सापेक्ष 16982 एवं दूसरी पाली में 12726 अभ्यर्थियों के सापेक्ष 11279 अभ्यर्थी शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें