दुवे पडाव पर हुई बारिश में होकर गुजरते वाहन
- फोटो : संवाद
इस बार मौसम को लेकर हर कोई बेचैन था। जहां भी देखो एक ही चर्चा... दिसंबर बीत रहा है लेकिन ठंड नहीं आई। दिन का मौसम गर्म क्यों हो रहा है। क्या इस बार ठंड नहीं पड़ेगी। लेकिन 27 दिसंबर की रात को हुई बरसात और चलीं सर्द हवाओं ने मौसम को एक दम से बदल डाला। न्यूनतम तापमान भी सामान्य से पांच डिग्री कम हो गया। रात को तो कंपकंपी छूट रही थी। हर कोई सिर से पांव तक गर्म कपड़ों में ही पैक नजर आया। शहर में कई अलग अलाव जल गए थे।
27 दिसंबर को सुबह से ही आसमान पर बादल छाए थे। धूप तो निकली ही नहीं। मौसम में भी ठंडक रही। लेकिन रात को हुई बरसात और चलीं सर्द हवाओं ने मौसम को बदल दिया। ठंडक बढ़ गई। करीब दो घंटे तक बूंदाबांदी होती रही। वहीं आसपास के जिलों में अच्छी खासी बरसात बताई जा रही है। इसका असर भी देखने को मिला। 28 दिसंबर को भी सुबह से बूंदाबांदी शुरू हो गई। दिन में भी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है।
एएमयू के भूगोल विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डा. अहमद मुजतबा सिद्दीकी ने बताया कि अब लगातार तापमान कम होगा। ठंडक बढ़ेगी। नए साल का जश्न भी कडाके की ठंड के बीच मनेगा। वहीं यह मौसम भी इस समय गेहूं, आलू और सरसों के लिए अच्छा है।