पानी में डूबे गड्ढे, हर कदम पर खतरा
स्थानीय महिलाओं के मुताबिक बच्चों को स्कूल भेजना रोज की चुनौती है। गंदे पानी से होकर गुजरने के कारण स्कूल ड्रेस और जूते खराब हो जाते हैं। बारिश के दौरान स्थिति और बिगड़ जाती है। बेबी ने बताया कि छोटे बच्चों के साथ घर से निकलते समय डर लगता है कि कहीं गड्ढे में गिरकर चोट न लग जाए। शाम के बाद अंधेरा होने से खतरा और बढ़ जाता है। अंजू देवी ने बताया कि शुक्रवार सुबह एक दंपती इसी रास्ते में गिरकर चोटिल हो गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि रास्ते की खराब हालत के कारण आए दिन लोग गिरते रहते हैं।
वाह रे सिस्टम : खुदाई के बाद सड़क ही नहीं बनाई
रामवती शर्मा ने बताया कि गलियों में पानी की पाइपलाइन डालने के लिए खुदाई की गई थी। इसके बाद रास्तों की ठीक से मरम्मत नहीं हुई। गड्ढे बढ़ते गए और उनमें पानी भरता गया। कारखाना संचालक अतुल कुमार वर्मा ने कहा कि गलियां तालाब बन चुकी हैं। कारीगरों को आने-जाने में परेशानी होती है। हजारों रुपये गृहकर-जलकर देने के बाद भी नगर निगम से मूलभूत सुविधा नहीं मिल रही। पूर्व प्रधान बेनीराम ने कहा कि नगर निगम में शामिल होने से पहले वे गांव में थे। तब कम से कम सफाई समय पर हो जाती थी। अब लोग इस रास्ते से आने-जाने में कतराते हैं। प्रवेश द्वार पर उड़ती राख ने परेशानी और बढ़ा दी है।
शिकायतें मोबाइल से भेजीं, समाधान नहीं हुआ
स्थानीय निवासी राजकुमार ने बताया कि उन्होंने नगर आयुक्त और मेयर को मोबाइल से शिकायत भेजी, लेकिन अब तक समाधान नहीं हुआ। लोकेश ने कहा कि नगर निगम सेवा भवन से महज छह किलोमीटर दूर होने के बावजूद अफसर यहां की स्थिति देखने नहीं पहुंचे हैं।
नगर आयुक्त बोले- टीम भेजकर कराएंगे निरीक्षण
नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने कहा कि बरौला-जाफराबाद में टीम भेजकर पूरे क्षेत्र का निरीक्षण कराया जाएगा। गलियों को ठीक कराने और जलनिकासी की समस्या दूर करने के साथ प्रवेश द्वार की सड़क भी ठीक कराई जाएगी। राख हटवाने की कार्रवाई भी की जाएगी। उन्होंने कहा कि यह काम जल्द कराया जाएगा।