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अलीगढ़ : एसआईटी ने माना, विनय की लाइसेंसी पिस्टल से चली थी गोली

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तारिक का फाइल फोटो। - फोटो : CITY OFFICE
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अमर उजाला का संकेत सच साबित हुआ। 28 मई के अंक में ऊपरकोट बवाल के मुकदमों में जल्द चार्जशीट के संकेत दिए थे। इसी क्रम में मंगलवार को एसआईटी ने 23 फरवरी को बाबरी मंडी में सांप्रदायिक टकराव में मारे गए मो.तारिक की हत्या में मुख्य आरोपी भाजपा नेता विनय वार्ष्णेय के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में दाखिल कर दी है। खास बात है कि एसआईटी ने अपनी विवेचना में माना है कि विनय ने घटनास्थल पर अपनी लाइसेंसी पिस्टल से फायरिंग की थी। इस आधार पर एसआईटी ने विनय पर चार्जशीट में हत्या के साथ-साथ आर्म्स एक्ट का भी आरोप लगाया है और गिरफ्तारी के समय उससे बरामद लाइसेंसी पिस्टल को माल मुकदमा के रूप में जब्त किया है। बता दें कि विनय इस हत्याकांड में एटा जेल में निरुद्ध है।
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नागरिकता संशोधन कानून को लेकर ऊपरकोट पर धरना दे रही महिलाओं ने 23 फरवरी को पुलिस टीम पर हमला बोल दिया था। उपद्रव के दौरान ऊपरकोट से सटे बाबरी मंडी में सांप्रदायिक टकराव हो गया था। इस दौरान गोली लगने से इलाके के हार्डवेयर कारोबारी का बेटा मोहम्मद तारिक घायल हुआ था। इस हमले में तारिक के भाई शारिक ने भाजपा नेता व बूथ अध्यक्ष विनय वार्ष्णेय, सुरेंद्र व त्रिलोकी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। बाद में पुलिस ने विनय को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गिरफ्तारी के समय उससे लाइसेंसी पिस्टल बरामद हुई थी। गिरफ्तारी के अगले दिन उसे एटा जेल शिफ्ट कर दिया गया और दूसरे दिन तारिक की मेडिकल कॉलेज में मौत हो गई। इसके चलते हमले का मुकदमा हत्या में तरमीम किया गया।
इस मुकदमे की विवेचना कर रही एसआईटी ने दौरान-ए-जांच वीडियो फुटेज, फॉरेंसिक टीम द्वारा संकलित साक्ष्य, तारिक के शरीर में लगी बुलेट, विनय से बरामद पिस्टल की बैलेस्टिक जांच आदि के आधार पर यह माना कि घटनास्थल पर विनय घटनास्थल पर मौजूद था और उसने अपनी पिस्टल से फायरिंग की है। इसी फायरिंग में तारिक की जान गई। इस आधार पर विनय के खिलाफ मंगलवार को कोर्ट में हत्या व आर्म्स एक्ट के तहत चार्जशीट पेश की गई है।
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दो आरोपियों के गैरजमानती वारंट जारी, सरेंडर की तैयारी
इस मुकदमे में फरार दो आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने अदालत ने गैर जमानती वारंट ले रखे हैं। अगर वह जल्द हाजिर न हुए तो कुर्की आदि होगी। वहीं उनके स्तर से न्यायालय में सरेंडर याचिका दायर की गई है। उम्मीद है कि एक दो दिन में वह कोर्ट में हाजिर हो सकते हैं।
सीएए-एनआरसी विरोधी बवाल के मुख्य मुकदमे में भी चार्जशीट
ऊपरकोट कोतवाली के बाहर 23 फरवरी को हुए उपद्रव के मुख्य मुकदमे में भी एसआईटी ने उन पांच लोगों पर मंगलवार को ही चार्जशीट भेज दी है, जो विनय की गिरफ्तारी के अगले ही दिन जेल भेजे गए थे। इंस्पेक्टर रविंद्र सिंह की ओर से दर्ज इस मुख्य मुकदमे में 37 नामजद, एक हजार अज्ञात महिलाएं व 100 पुरुषों आरोपी थे। इस मामले में गिरफ्तार किए गए फईमउद्दीन, मुस्तकीम, साबिर, इमरान, अनवार व अंजुम हुसैन जेल गए थे। इन सभी पर चार्जशीट भेज दी गई है। बाकी के वारंट जारी किए हैं और जांच भी जारी है।
घटनाक्रम एक नजर में--
23 फरवरी को बाबरी मंडी में घटना
11 मार्च की देर रात विनय गिरफ्तार
13 मार्च की देर रात तारिक की मौत
09 मई को 90वें दिन चार्जशीट दायर
ये है नियम:-
चार्जशीट को लेकर नियम यह है कि किसी भी मुकदमे में जेल भेजे गए आरोपी के खिलाफ 90वें दिन तक हर हाल में चार्जशीट दायर करनी होती है।
एसआईटी ने विनय के खिलाफ कोर्ट में हत्या व आर्म्स एक्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। मुकदमे में शामिल सुरेंद्र व व उसके बेटे त्रिलोकी के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी हैं। दोनों हाजिर नहीं हुए तो कुर्की की कार्रवाई की जाएगी। वहीं बवाल के मुख्य मुकदमे में पांच आरोपियों पर चार्जशीट भेजी गई है।
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-मुनिराज जी, एसएसपी अलीगढ़
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